दक्षिण मध्य रेलवे ने डोरस्टेप फ्रेट बुकिंग के लिए स्मार्ट ‘रेल पार्सल ऐप’ लॉन्च किया

दक्षिण मध्य रेलवे ने डिजिटल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिकंदराबाद के रेल निलयम में नई पीढ़ी की ‘रेल पार्सल ऐप’ लॉन्च की। इस ऐप का उद्देश्य पारंपरिक पार्सल बुकिंग प्रणाली को एक सहज और आधुनिक डिजिटल फ्रेट अनुभव में बदलना है। ऐप का उद्घाटन महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने किया। यह ऐप डोरस्टेप पिकअप, रियल-टाइम ट्रैकिंग और सुरक्षित डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाएँ प्रदान करेगी। इस पहल के माध्यम से साउथ सेंट्रल रेलवे ने पार्सल कार्यालय को सीधे ग्राहकों के स्मार्टफोन तक पहुँचा दिया है, जिससे लंबी कतारों की आवश्यकता समाप्त होगी और माल ढुलाई की प्रक्रिया अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनेगी।

दक्षिण मध्य रेलवे की रेल पार्सल ऐप

रेल पार्सल ऐप का शुभारंभ साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल उपलब्धि है। यह नई पीढ़ी का प्लेटफॉर्म एक डिजिटल फ्रेट ई-मार्केटप्लेस के रूप में कार्य करता है, जो ग्राहकों को पूर्ण पारदर्शिता और सुविधा के साथ ऑनलाइन पार्सल बुकिंग की सुविधा प्रदान करता है।

पारंपरिक पार्सल प्रणाली के विपरीत, जिसमें रेलवे पार्सल कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाना आवश्यक होता था, SCR रेल पार्सल ऐप एक एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराती है। अब ग्राहक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से शिपमेंट शेड्यूल कर सकते हैं, डोरस्टेप पिकअप की व्यवस्था कर सकते हैं, पार्सल की रियल-टाइम ट्रैकिंग कर सकते हैं तथा डिलीवरी से संबंधित स्वचालित अपडेट प्राप्त कर सकते हैं।

यह पहल भारतीय रेल के माल ढुलाई क्षेत्र में व्यापक डिजिटल परिवर्तन के लक्ष्य के अनुरूप है, जिससे लॉजिस्टिक्स सेवाएँ अधिक कुशल, पारदर्शी और ग्राहक-केंद्रित बन सकें।

सहज डोरस्टेप बुकिंग के लिए रेल पार्सल ऐप की प्रमुख विशेषताएँ

South Central Railway की रेल पार्सल ऐप को तकनीक-आधारित समाधानों के माध्यम से रेल-आधारित लॉजिस्टिक्स को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • डोरस्टेप पिकअप और डिलीवरी सेवा
  • रियल-टाइम पार्सल ट्रैकिंग
  • स्वचालित एसएमएस और ऐप नोटिफिकेशन
  • सुरक्षित डिजिटल भुगतान विकल्प
  • पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बुकिंग इंटरफेस

इन सुविधाओं के एकीकरण से साउथ सेंट्रल रेलवे ग्राहक सुविधा बढ़ाने और परिचालन दक्षता सुधारने की दिशा में अग्रसर है। यह ऐप मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम करती है और माल ढुलाई प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाती है।

सात शहरों में पायलट परियोजना के रूप में शुरुआत

वर्तमान में SCR रेल पार्सल ऐप को पायलट परियोजना के रूप में सात प्रमुख स्थानों पर लागू किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • हैदराबाद
  • विजयवाड़ा
  • बेंगलुरु
  • तथा साउथ सेंट्रल रेलवे क्षेत्र के चार अन्य प्रमुख फ्रेट हब

यह चरणबद्ध कार्यान्वयन SCR को परिचालन दक्षता, ग्राहक प्रतिक्रिया और अवसंरचना की तैयारी का परीक्षण करने में मदद करेगा, ताकि भविष्य में इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया जा सके। पायलट चरण संभावित चुनौतियों की पहचान और डिजिटल फ्रेट इकोसिस्टम को बड़े पैमाने पर सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारतीय प्रबंधन संस्थान बैंगलोर के साथ रणनीतिक समझौता

एक समानांतर रणनीतिक पहल के तहत, साउथ सेंट्रल रेलवे ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु (IIM Bangalore) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके अंतर्गत भारत के फ्रेट लॉजिस्टिक्स बाजार का व्यापक अध्ययन किया जाएगा।

इस सहयोग के उद्देश्य हैं:

  • रेल लॉजिस्टिक्स में अवसंरचना की कमियों का आकलन
  • आधुनिकीकरण के अवसरों की पहचान
  • कार्गो प्रबंधन प्रणालियों की दक्षता में सुधार
  • राष्ट्रीय माल परिवहन क्षेत्र में रेल की हिस्सेदारी बढ़ाना

यह साझेदारी दर्शाती है कि SCR अपनी माल ढुलाई विस्तार रणनीति को डेटा-आधारित अनुसंधान और विशेषज्ञ सुझावों पर आधारित बनाना चाहता है।

2030 तक 3,000 मिलियन टन कार्गो लक्ष्य की दिशा में कदम

रेल पार्सल ऐप का शुभारंभ केवल एक डिजिटल पहल नहीं है, बल्कि यह 2030 तक 3,000 मिलियन टन कार्गो लोडिंग के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

भारतीय रेल भारत की माल परिवहन प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पार्सल सेवाओं के डिजिटलीकरण और सहज बुकिंग सुविधा के माध्यम से SCR छोटे और मध्यम स्तर के ग्राहकों को आकर्षित करना चाहता है।

बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता से:

  • टर्नअराउंड समय कम होगा
  • परिचालन बाधाएँ घटेंगी
  • रेल फ्रेट की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी
  • सतत (सस्टेनेबल) परिवहन लक्ष्यों को समर्थन मिलेगा

इस प्रकार, SCR रेल पार्सल ऐप केवल ग्राहक सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि माल ढुलाई क्षेत्र में एक व्यापक और दूरगामी सुधार की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

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vikash

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