सोनोवाल ने तूतीकोरिन बंदरगाह पर हरित हाइड्रोजन परियोजना का उद्घाटन किया

स्वतंत्रता सेनानी वी. ओ. चिदंबरनार की जयंती के अवसर पर केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तमिलनाडु के तुतिकोरिन स्थित वी. ओ. चिदंबरनार बंदरगाह में एक महत्वपूर्ण हरित हाइड्रोजन पायलट परियोजना का उद्घाटन किया और कई अधोसंरचना परियोजनाओं की नींव रखी। यह कदम भारत के हरित समुद्री भविष्य और बंदरगाह-आधारित आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।

हरित हाइड्रोजन पायलट परियोजना

  • यह बंदरगाह क्षेत्र में हाइड्रोजन ऊर्जा अपनाने वाला पहला पायलट प्रयास है।

  • हरित हाइड्रोजन का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से किया जाएगा।

  • यह पहल भारी उद्योगों और समुद्री परिवहन में कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए अहम है।

  • यह परियोजना भारत की स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

अन्य परियोजनाएं

  • दसवां कंटेनर टर्मिनल – 7.4 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित, जिससे कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ेगी।

  • 110 केवी सबस्टेशन – बंदरगाह संचालन की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा।

  • 6 मेगावॉट पवन ऊर्जा परियोजना – ₹59 करोड़ की लागत से स्थापित, बंदरगाह की हरित ऊर्जा दिशा को बढ़ावा।

  • ग्रीन कैंपस ड्राइव – मंत्री ने बंदरगाह परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरणीय सततता पर बल दिया।

वी. ओ. चिदंबरनार को श्रद्धांजलि

  • जिन्हें “कप्पल ओटिया तमिझन” कहा जाता है, उन्होंने स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी की स्थापना की थी।

  • उनका समुद्री स्वावलंबन का संदेश आज के आत्मनिर्भर बंदरगाहों और हरित नौवहन के प्रयासों से गहराई से जुड़ता है।

तुतिकोरिन बंदरगाह का महत्व

  • सागरमाला परियोजना के तहत तीव्र आधुनिकीकरण का केंद्र।

  • दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण समुद्री द्वार

  • हरित नौवहन तकनीकों का हब बनने की दिशा में अग्रसर।

  • कंटेनर और कार्गो हैंडलिंग क्षमता में वृद्धि।

  • तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूती

परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM):

  • शुरुआत: जनवरी 2023, केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत।

  • कार्यान्वयन मंत्रालय: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय।

  • बजट: ₹19,744 करोड़।

  • उद्देश्य:

    • भारत को हरित हाइड्रोजन उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना।

    • सतत ऊर्जा और जलवायु लक्ष्यों को समर्थन देना।

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vikash

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