जुलाई-सितंबर तिमाही वित्त वर्ष 26 के लिए लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की घोषणा

वित्त मंत्रालय ने 30 जून 2025 को यह घोषणा की कि वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) जैसी विभिन्न छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यह लगातार छठी तिमाही है जब इन योजनाओं की ब्याज दरें यथावत रखी गई हैं। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य छोटे निवेशकों को स्थिर और पूर्वानुमान योग्य रिटर्न प्रदान करना है, जिससे वे बाजार की अस्थिरता से सुरक्षित रह सकें और दीर्घकालिक वित्तीय योजना बना सकें।

क्यों चर्चा में है?

30 जून 2025 को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने घोषणा की कि वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें जैसी की तैसी बनी रहेंगी। यह लगातार छठी तिमाही है जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यह फैसला मध्यम और निम्न आय वर्ग के निवेशकों के लिए स्थिर और सुरक्षित रिटर्न सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को दर्शाता है, खासकर तब जब मुद्रास्फीति कम हो रही है और मौजूदा दरें पहले से ही प्रतिस्पर्धात्मक हैं।

मुख्य ब्याज दरें (जुलाई-सितंबर 2025)

योजना ब्याज दर (%)
सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) 7.1
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) 8.2
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) 7.7
मासिक आय योजना (MIS) 7.4
किसान विकास पत्र (KVP) 7.5 (परिपक्वता: 115 महीने)
3-वर्षीय सावधि जमा 7.1
डाकघर बचत खाता 4.0

PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड)

  • दीर्घकालिक निवेश, रिटायरमेंट के लिए उपयुक्त।

  • सरकार समर्थित, कर में पूरी छूट (EEE)।

  • ब्याज दर: 7.1%, बिना बदलाव।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

  • बालिका के लिए लक्षित योजना।

  • उच्चतम ब्याज दर: 8.2%

  • बेटियों की शिक्षा व भविष्य सुरक्षा को बढ़ावा।

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC)

  • मध्यम अवधि की गारंटीकृत निवेश योजना।

  • ब्याज: 7.7%, वार्षिक चक्रवृद्धि (परिपक्वता पर भुगतान)।

किसान विकास पत्र (KVP)

  • 115 महीनों में निवेश की राशि दोगुनी।

  • ब्याज दर: 7.5%, सुरक्षित और पूर्वानुमान योग्य।

मासिक आय योजना (MIS)

  • नियमित मासिक आय देने वाली योजना, विशेषकर सेवानिवृत्त लोगों के लिए।

  • ब्याज दर: 7.4%, मासिक भुगतान के साथ।

महत्व और प्रभाव

  • स्थिरता और पारदर्शिता: दरें न बदलने से निवेशकों में विश्वास बना रहता है।

  • कम जोखिम वाले निवेशकों को लाभ: जिनके लिए पूंजी सुरक्षा प्राथमिकता है।

  • सरकारी उधारी को समर्थन: इन योजनाओं से जुटाई गई बचत सार्वजनिक खर्चों में सहयोग करती है।

  • आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित विकल्प: वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू निवेश को प्रेरित करता है।

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vikash

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