कर्नाटक की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। राजनीतिक अस्थिरता, गठबंधन सरकारों और अल्पकालिक कार्यकालों के लिए जाने जाने वाले कर्नाटक में यह उपलब्धि अत्यंत दुर्लभ मानी जा रही है। उनका राजनीतिक सफर सामाजिक न्याय, जमीनी जुड़ाव और राजनीतिक दृढ़ता का प्रतीक है।
खबरों में क्यों?
- जनवरी 2026 में सिद्धारमैया ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
- उन्होंने अपने विभिन्न कार्यकालों को मिलाकर लगभग 7 वर्ष 8 माह मुख्यमंत्री पद पर पूरे किए।
एक पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड का अंत
- देवराज उर्स ने कर्नाटक में 7 वर्षों से थोड़ा अधिक समय तक शासन किया था।
- सिद्धारमैया ने इस रिकॉर्ड को पार कर राज्य के राजनीतिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ा।
- गठबंधन राजनीति, दलबदल और अस्थिर सरकारों वाले राज्य में उनका लंबा कार्यकाल लगातार जनसमर्थन और राजनीतिक कुशलता को दर्शाता है।
प्रारंभिक जीवन और राजनीति में प्रवेश
- सिद्धारमैया का जन्म मैसूरु जिले के टी. नरसीपुरा के पास सिद्धारमनाहुंडी गांव में एक किसान परिवार में हुआ।
- वे पेशे से वकील रहे और कुछ समय तक विद्यावर्धक लॉ कॉलेज में कानून भी पढ़ाया।
- 1983 में उन्होंने चामुंडेश्वरी सीट से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर राजनीति में चौंकाने वाली एंट्री की।
कांग्रेस से पहले की राजनीतिक यात्रा
- कई अन्य नेताओं के विपरीत, सिद्धारमैया की शुरुआती राजनीतिक नींव कांग्रेस के बाहर पड़ी थी।
- वे जनता पार्टी और बाद में जनता दल में आगे बढ़े और मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े के कार्यकाल में पशुपालन, रेशम उद्योग (सेरीकल्चर) और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर रहे।
- उनके राजनीतिक जीवन में एक निर्णायक मोड़ 2006 में आया, जब उन्होंने जनता दल (सेक्युलर) से अलग होकर बाद में कांग्रेस पार्टी का दामन थामा।
AHINDA और सामाजिक न्याय की राजनीति
- कांग्रेस में आने के बाद सिद्धारमैया ने AHINDA मॉडल को राजनीतिक आधार बनाया।
- AHINDA = अल्पसंख्यक (Minorities), पिछड़ा वर्ग (Backward Classes) और दलित (Dalits)
- वे कुरुबा समुदाय से आने वाले कर्नाटक के पहले मुख्यमंत्री हैं, जो राज्य का तीसरा सबसे बड़ा सामाजिक समूह है।
- यह सामाजिक गठजोड़ उनकी चुनावी सफलता और शासन दर्शन का केंद्र रहा है।
प्रशासनिक उपलब्धियाँ और नेतृत्व भूमिकाएँ
- सिद्धारमैया ने अब तक कुल 16 राज्य बजट प्रस्तुत किए हैं, जो कर्नाटक के किसी भी मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजटों में सबसे अधिक हैं। इस मामले में उन्होंने रामकृष्ण हेगड़े को भी पीछे छोड़ दिया है।
- वे 2009 से 2013 और फिर 2019 से 2023 तक दो बार विपक्ष के नेता भी रहे, और सत्ता से बाहर रहते हुए भी राज्य की राजनीति में एक प्रभावशाली तथा केंद्रीय भूमिका निभाते रहे।
- अपने लंबे राजनीतिक करियर में वे मंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे प्रमुख पदों पर कार्य कर चुके हैं।
विरासत और शासन पर विचार
- इस उपलब्धि पर सिद्धारमैया ने कहा कि वे इसे रिकॉर्ड नहीं, बल्कि जनता की सेवा का सौभाग्य मानते हैं।
- उन्होंने देवराज उर्स जैसे नेताओं के प्रभाव को स्वीकार किया।
- साथ ही बसवन्ना से लेकर नलवाड़ी कृष्णराज वोडेयार तक की सामाजिक न्याय परंपरा का उल्लेख किया।
- उन्होंने गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
परीक्षा उपयोगी तथ्य (Prelims & Mains)
- सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री (कर्नाटक): सिद्धारमैया
- रिकॉर्ड तोड़ा: देवराज उर्स
- मील का पत्थर: जनवरी 2026
- सामाजिक मॉडल: AHINDA
- प्रस्तुत बजट: 16 (रिकॉर्ड)
- पहले मुख्यमंत्री (कुरुबा समुदाय से): सिद्धारमैया
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