शर्ली बोचवे राष्ट्रमंडल की पहली अफ्रीकी महिला महासचिव बनीं

शर्ली बोचवे ने 1 अप्रैल 2025 को कॉमनवेल्थ ऑफ नेशंस की सातवीं महासचिव के रूप में कार्यभार संभाला, जिससे वह इस पद पर आसीन होने वाली पहली अफ्रीकी महिला बन गईं। उन्होंने डोमिनिका की पेट्रीसिया स्कॉटलैंड का स्थान लिया, जो इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं। शर्ली बोचवे को CHOGM 2024 (कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग) के दौरान अपिया, समोआ में चार वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना गया था।

कौन हैं शर्ली बोचवे?

शर्ली अयोरकोर बोचवे घाना की एक प्रसिद्ध राजनेता और राजनयिक हैं, जिन्होंने विदेश मामलों, राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यापार, और संचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पृष्ठभूमि और करियर

  • राष्ट्रीयता: घाना

  • पूर्व पद: घाना की विदेश मामलों और क्षेत्रीय एकीकरण मंत्री

  • अन्य भूमिकाएँ:

    • घाना की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की सदस्य

    • एक सफल विपणन एवं संचार कंपनी की संस्थापक

    • पर्यटन क्षेत्र में सलाहकार

कॉमनवेल्थ महासचिव के रूप में चयन

  • चयन स्थान: CHOGM 2024, अपिया, समोआ

  • कार्यकाल: चार वर्ष (अधिकतम दो कार्यकाल के लिए नवीकरण योग्य)

  • पूर्ववर्ती: पेट्रीसिया स्कॉटलैंड (डोमिनिका)

महासचिव की प्रमुख जिम्मेदारियाँ

कॉमनवेल्थ महासचिव कॉमनवेल्थ सचिवालय के प्रमुख होते हैं, जिसका मुख्यालय लंदन, यूनाइटेड किंगडम में स्थित है। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियाँ हैं:

  • लोकतंत्र, मानवाधिकार, और सतत विकास को बढ़ावा देना और उनकी रक्षा करना।

  • अंतरराष्ट्रीय मंचों एवं राजनयिक आयोजनों में कॉमनवेल्थ का प्रतिनिधित्व करना।

  • कॉमनवेल्थ सचिवालय के विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों का प्रबंधन करना।

  • सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और नीतिगत विकास का समर्थन करना।

कॉमनवेल्थ के पूर्व महासचिव

क्रमांक नाम देश कार्यकाल
1 अर्नोल्ड स्मिथ कनाडा 1965-1975
2 सर श्रीदथ रामफल गुयाना 1975-1990
3 चीफ एमेका अन्याओकू नाइजीरिया 1990-2000
4 डॉन मैककिनॉन न्यूज़ीलैंड 2000-2008
5 कमलेश शर्मा भारत 2008-2016
6 पेट्रीसिया स्कॉटलैंड डोमिनिका 2016-2025
7 शर्ली बोचवे घाना 2025-वर्तमान

कॉमनवेल्थ ऑफ नेशंस: एक परिचय

कॉमनवेल्थ ऑफ नेशंस 56 स्वतंत्र देशों का एक राजनीतिक संगठन है, जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा थे। यह आर्थिक, सांस्कृतिक, और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • कॉमनवेल्थ की उत्पत्ति ब्रिटिश साम्राज्य से हुई थी।

  • 1929 में इसे औपचारिक रूप से ब्रिटिश कॉमनवेल्थ ऑफ नेशंस के रूप में मान्यता मिली।

  • 1949 के लंदन डिक्लेरेशन के तहत भारत को ब्रिटिश सम्राट को राष्ट्राध्यक्ष के रूप में मान्यता दिए बिना भी संगठन का हिस्सा बने रहने की अनुमति दी गई।

कॉमनवेल्थ के मुख्य तथ्य

  • कुल सदस्य देश: 56

  • मुख्यालय: लंदन, यूनाइटेड किंगडम

  • कॉमनवेल्थ प्रमुख: ब्रिटिश सम्राट

  • विशेष सदस्य: चार देश – मोज़ाम्बिक, रवांडा, गैबॉन, और टोगो – कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा नहीं थे, फिर भी कॉमनवेल्थ के सदस्य हैं।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

1 day ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

1 day ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

1 day ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

1 day ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

2 days ago