लोकसभा MP शशि थरूर को 21 फरवरी 2026 को कोलकाता स्थित सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षा समारोह में मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डीलिट) की उपाधि से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने भारत में अपनी पहली मानद डॉक्टरेट बताया। यह समारोह न्यू टाउन स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया, जहां 1,052 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं। 25 पीएचडी शोधार्थियों को सम्मानित किया गया और 17 छात्रों को स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। थरूर ने समाज की सेवा के रूप में शिक्षा के अंतिम उद्देश्य को रेखांकित करते हुए छात्रों से नागरिक उत्तरदायित्व को अपनाने का आग्रह किया।
थिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा कि— शिक्षा केवल जानकारी (Information) तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण (Formation) और नैतिक चेतना (Conscience) से जुड़ी होनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे—
अपनी जेसुइट शिक्षा को याद करते हुए उन्होंने निम्न मूल्यों पर बल दिया:
उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य नारों से नहीं, बल्कि जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों से तय होगा।
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