उन्हें यह पुरस्कार केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह और दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी के हाथों दिया गया. शर्मिला ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत 1959 में अपुर संसार से की और कई बांग्ला तथा हिंदी फिल्मों में काम किया. उन्हें दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया. साथ ही भारत सरकार ने उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी अलंकृत किया है.
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