एसबीआई विशेष श्रेणी ग्राहक के रूप में इंडिया बुलियन एक्सचेंज में शामिल हुआ

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 1 नवंबर 2025 को इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) पर एक स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट (SCC) के रूप में अपना पहला गोल्ड ट्रेड (स्वर्ण लेनदेन) पूरा किया। यह कदम भारत में स्वर्ण आयात और व्यापार प्रणाली को पुनर्परिभाषित करने वाला साबित होगा — विशेष रूप से MSME आभूषण उद्योग के लिए, जिन्हें अब बेहतर मूल्य निर्धारण (pricing) और सुगम पहुँच का लाभ मिलेगा।

इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) क्या है?

IIBX को भारत को एक वैश्विक बुलियन ट्रेडिंग हब बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था। यह गुजरात के GIFT सिटी में स्थित है और स्वर्ण आयात एवं व्यापार के लिए एक केंद्रीकृत और पारदर्शी मंच (centralised and transparent platform) प्रदान करता है।

इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक, अपारदर्शी आयात चैनलों पर निर्भरता घटाना है।

IIBX के प्रमुख कार्य:

  • योग्य ज्वेलर्स को प्रत्यक्ष स्वर्ण आयात (Direct Gold Imports) की सुविधा

  • मूल्य खोज (Price Discovery) और क्लीयरिंग प्रक्रिया में दक्षता

  • कम लागत और बेहतर नियामक निगरानी (Regulatory Oversight)

SBI की भूमिका – एक स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट (SCC) के रूप में

SCC के रूप में, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की भूमिका केवल एक बैंक तक सीमित नहीं रहेगी — यह अब स्वर्ण व्यापार में एक मुख्य मध्यस्थ (Key Intermediary) के रूप में कार्य करेगा।

मुख्य कार्य:

  • ज्वेलर्स और बुलियन डीलरों के लिए लेनदेन सुगम बनाना

  • वैश्विक व्यापार मानकों और वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना

  • मूल्य प्रतिस्पर्धा (Competitive Pricing) और तरलता (Liquidity) बढ़ाना

SBI वर्ष 2024 से IIBX का ट्रेडिंग-कम-क्लीयरिंग (TCM) सदस्य रहा है, और अब SCC का दर्जा मिलने से प्लेटफ़ॉर्म पर विश्वसनीयता और पैमाने (scale and trust) में वृद्धि हुई है।

मुख्य लाभ और उद्योग पर प्रभाव

MSME ज्वेलर्स के लिए

  • एक नियंत्रित (regulated) और पारदर्शी बाज़ार तक पहुँच

  • कम आयात लागत और सटीक मूल्य निर्धारण

  • सहज लेनदेन प्रक्रिया और बेहतर ऋण सुविधा

बुलियन क्षेत्र के लिए

  • पारदर्शिता और ट्रेसेबिलिटी (traceability) में सुधार

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि

  • अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजारों से बेहतर एकीकरण

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए

  • पारंपरिक ज्वेलर्स को औपचारिक बैंकिंग चैनलों से जोड़कर वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा

  • अपारदर्शी आयात चैनलों पर निर्भरता में कमी

  • GIFT सिटी और डिजिटल ट्रेड अवसंरचना में निवेशकों के विश्वास को बढ़ावा

स्थायी तथ्य

विवरण जानकारी
घटना SBI ने IIBX पर एक स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट (SCC) के रूप में पहला स्वर्ण व्यापार किया
तारीख 1 नवंबर 2025
एक्सचेंज इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX)
स्थान GIFT सिटी, गुजरात
SBI की स्थिति 2024 में पहला TCM सदस्य; 2025 में पहला SCC सदस्य

निष्कर्ष:
SBI का यह कदम भारत के स्वर्ण व्यापार परिदृश्य में एक नई पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और डिजिटल प्रणाली की दिशा में मील का पत्थर है — जो आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक बुलियन ट्रेडिंग केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

UGC इक्विटी नियम 2026 के बारे में सर्वोच्च न्यायालय ने क्या फैसला सुनाया?

भारत के उच्च शिक्षा ढांचे को प्रभावित करने वाले एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप में, भारत के…

10 hours ago

दिसंबर 2025 में किस वजह से भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन दो साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा?

भारत के औद्योगिक क्षेत्र ने 2025 का समापन मजबूत प्रदर्शन के साथ किया। दिसंबर 2025…

10 hours ago

अल्फ़ाजीनोम क्या है और यह डीएनए म्यूटेशन की भविष्यवाणी कैसे करता है?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब विज्ञान के सबसे जटिल क्षेत्रों में से एक—मानव डीएनए—में प्रवेश कर चुकी…

10 hours ago

केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के किसानों के लिए अचानक विशेष पैनल क्यों गठित किया?

केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के किसानों को समर्थन देने के लिए एक नया कदम उठाते…

10 hours ago

क्या कर्नाटक का नया बोर्ड भारत में गिग श्रमिकों की सुरक्षा को नई दिशा दे सकता है?

कर्नाटक सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम…

10 hours ago

मध्य प्रदेश ने 2026 को कृषि वर्ष क्यों घोषित किया है?

ग्रामीण परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत संकेत देते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने…

11 hours ago