सर्वेश रंजन बने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नए चीफ जनरल मैनेजर

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। सर्वेश रंजन को चीफ जनरल मैनेजर (CGM) के पद पर पदोन्नत किया गया है। यह नियुक्ति भास्कर राव कारे के सेवानिवृत्त (सुपरएनुएशन) होने के बाद की गई है। यह कदम बैंक में नेतृत्व की निरंतरता बनाए रखने और परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में उसके फोकस को दर्शाता है।

यूनियन बैंक में नेतृत्व परिवर्तन की पृष्ठभूमि

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने जानकारी दी कि मुख्य महाप्रबंधक (CGM) के रूप में कार्यरत भास्कर राव कारे 31 जनवरी 2026 को बैंक की सेवाओं से सेवानिवृत्त हो गए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बैंक के परिचालन सुदृढ़ीकरण, नेतृत्व से जुड़े पहलों के मार्गदर्शन और विभिन्न रणनीतिक परियोजनाओं को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सर्वेश रंजन की पदोन्नति

भास्कर राव कारे के सेवानिवृत्त होने के बाद, यूनियन बैंक ने श्री सर्वेश रंजन, जो इससे पहले जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत थे, को 1 फरवरी 2026 से प्रभावी रूप से चीफ जनरल मैनेजर (CGM) के पद पर पदोन्नत किया। यह पदोन्नति बैंक के उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और संगठन में लंबे समय से दिए गए योगदान पर बैंक के विश्वास को दर्शाती है।

सर्वेश रंजन का पेशेवर प्रोफाइल

सर्वेश रंजन एक इंजीनियरिंग स्नातक हैं और बैंकिंग क्षेत्र में उन्हें लगभग 30 वर्षों का व्यापक अनुभव प्राप्त है। पदोन्नति से पहले वे यूनियन बैंक में जनरल मैनेजर – सेंट्रल रीकन्सिलिएशन, ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग एवं एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) के रूप में कार्यरत थे।

उनके करियर में इन क्षेत्रों का अनुभव शामिल है:

  • ब्रांच बैंकिंग
  • रीजनल और जोनल ऑफिस
  • स्टाफ ट्रेनिंग कॉलेज
  • कॉर्पोरेट ऑफिस के पद

यह व्यापक अनुभव उन्हें बैंकिंग सिस्टम की मज़बूत ऑपरेशनल और मैनेजेरियल समझ देता है।

नेतृत्व प्रशिक्षण और तकनीकी योग्यताएँ

अपने व्यापक बैंकिंग अनुभव के अलावा, श्री सर्वेश रंजन ने कई नेतृत्व और व्यावसायिक विकास कार्यक्रम भी पूर्ण किए हैं। इनमें शामिल हैं—

  • यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज़, स्विट्ज़रलैंड से नेतृत्व (लीडरशिप) कार्यक्रम
  • इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस (ISB), हैदराबाद से कार्यकारी शिक्षा (Executive Education)
  • IDRBT, हैदराबाद से आईटी और साइबर सुरक्षा में प्रमाणन

ये योग्यताएँ उन्हें डिजिटल सुरक्षा, सुशासन (गवर्नेंस) और जोखिम प्रबंधन जैसे आधुनिक बैंकिंग चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अच्छी तरह तैयार करती हैं।

 

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vikash

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