सांभर महोत्सव 2025: झील किनारे संस्कृति का जश्न

सांभर महोत्सव, जो संस्कृति, रोमांच और विरासत का एक जीवंत उत्सव है, 24 जनवरी 2025 को राजस्थान के प्रसिद्ध सांभर झील में उद्घाटित हुआ। यह 5 दिवसीय महोत्सव राजस्थान पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य पर्यटकों को आकर्षित करना और क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रदर्शित करना है। महोत्सव का उद्देश्य राजस्थानी सभ्यता की झलक प्रदान करना है, जिसमें यहां के व्यंजन, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत शामिल हैं, साथ ही झील और इसके आसपास के आकर्षणों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

महोत्सव की प्रमुख विशेषताएं

उद्घाटन और नेतृत्व

  • महोत्सव का उद्घाटन पूर्व विधायक निर्मल कुमावत और पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक राकेश शर्मा ने अन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ किया।
  • यह महोत्सव 24 जनवरी से 28 जनवरी 2025 तक आयोजित किया जा रहा है।

संस्कृति और रोमांचकारी गतिविधियां

  • पतंगबाजी, ऊंट की सवारी, पैरासेलिंग, एटीवी राइड्स, पक्षी अवलोकन और झील भ्रमण जैसी कई रोमांचक गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है।
  • लोक कलाकारों द्वारा प्रदर्शन ने महोत्सव के माहौल में स्थानीय रंग भर दिया।

सांस्कृतिक अनुभव

  • पर्यटक राजस्थानी व्यंजन, पारंपरिक शिल्प और स्थानीय विरासत का अन्वेषण कर सकते हैं।
  • मेले के मैदान में प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।

सांभर झील

  • यह झील अपने नमक उत्पादन और लाखों विदेशी पक्षियों के प्रवासी गंतव्य के रूप में प्रसिद्ध है, विशेषकर नवंबर से मार्च के महीनों में।
  • झील की प्राकृतिक सुंदरता और इसकी विरासत हवेलियां इसे एक प्रमुख आकर्षण बनाती हैं।

पर्यटन की संभावना

  • महोत्सव क्षेत्र की विशाल पर्यटन संभावनाओं को उजागर करता है, जो हर साल बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करता है।
  • 2023 में राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किया गया सांभर महोत्सव अब पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक वार्षिक आयोजन बन गया है।

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

UPI ने नया बेंचमार्क बनाया: अब तक के सबसे ज़्यादा ट्रांज़ैक्शन का रिकॉर्ड

भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति ने एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। जनवरी…

2 hours ago

सरकार द्वारा ₹17.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड उधार-इसका क्या मतलब है

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 (FY27) के लिए अब तक की सबसे अधिक ₹17.2…

2 hours ago

क्या भारत के ₹17.2 लाख करोड़ के उधार में बढ़ोतरी के बाद RBI दखल दे सकता है?

बजट FY27 में वित्तीय अनुशासन का संदेश देने के बावजूद बांड बाजार में दबाव के…

16 hours ago

अरुणाचल में ‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास के लिए सेना और ITBP का संयुक्त अभियान

हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित अभ्यास अग्नि परीक्षा ने खास ध्यान आकर्षित किया…

17 hours ago

आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा रखा गया

पंजाब के विमानन मानचित्र में 02 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक बदलाव देखने…

17 hours ago

केरल के कंथल्लूर में ऑर्किड की नई प्रजाति खोजी गई

भारत की जैव विविधता को एक बार फिर नई पहचान मिली है, जब वैज्ञानिकों ने…

17 hours ago