नामिबिया के पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता सैम नुजोमा का 10 फरवरी 2025 को 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 1990 में दक्षिण अफ्रीका से नामिबिया को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 15 वर्षों तक राष्ट्रपति पद पर कार्य किया। उन्हें “नामिबियन राष्ट्रपिता” के रूप में सम्मानित किया जाता है। उनके नेतृत्व में देश में लोकतंत्र, सुलह और स्थिरता की नींव रखी गई, हालांकि उनके कार्यकाल में कुछ विवादास्पद बयान और नीतियां भी देखने को मिलीं।
| क्यों चर्चा में? | सैम नुजोमा, नामीबिया के पहले राष्ट्रपति, 95 वर्ष की आयु में निधन |
| पूरा नाम | सैमुअल शफीशुना नुजोमा |
| जन्म | 1929, नामीबिया |
| मुख्य भूमिका | नामीबिया के पहले राष्ट्रपति (1990-2005) |
| राजनीतिक दल | साउथ वेस्ट अफ्रीकन पीपल्स ऑर्गनाइजेशन (SWAPO) |
| निर्वासन के वर्ष | 1959-1989 |
| मुख्य उपलब्धि | दक्षिण अफ्रीका से नामीबिया को स्वतंत्रता दिलाई (1990) |
| अंतरराष्ट्रीय मान्यता | UN ने SWAPO को नामीबिया के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में मान्यता दी |
| मित्र राष्ट्र | चीन, रूस, क्यूबा, उत्तर कोरिया |
| अमेरिकी मान्यता | 1993 में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन द्वारा आमंत्रित पहले अफ्रीकी नेता |
| प्रमुख विवाद | पश्चिम विरोधी बयान, LGBTQ विरोधी टिप्पणी, मीडिया सेंसरशिप |
| नेतृत्व शैली | करिश्माई, राष्ट्रवादी, सुलहकारी लेकिन विवादास्पद |
| मृत्यु पर अंतिम श्रद्धांजलि | “हमारे देश के सबसे बहादुर सपूत अपनी बीमारी से उबर नहीं सके।” – राष्ट्रपति मबुम्बा |
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