त्रिपुरा राज्य सरकार ने सामाजिक और भावनात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये “सहर्ष” विशेष शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की। इसकी शुरुआत अगस्त 2022 में राज्य के 40 विद्यालयों में एक परीक्षण कार्यक्रम के रूप में की गयी थी, अब इसे राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिये उपलब्ध कराया जाएगा।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
इसका उद्देश्य बच्चों को उल्लास एवं उत्साहपूर्वक पढ़ाई करने में सक्षम बनाना है। प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक के अनुसार, वर्तमान में त्रिपुरा ग्रेड- I समूह के अंतर्गत आता है। राज्य सरकार 204 स्कूलों को सहर्ष पाठ्यक्रम के लिए प्रशिक्षित कर चुकी है जबकि 200 और स्कूलों को जल्द ही प्रशिक्षित किया जाएगा। त्रिपुरा के विभिन्न जिलों के तीस सहायक प्रधानाध्यापकों को भी सहर्ष कार्यान्वयन दूत के रूप में काम करने के लिए चुना गया था।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…
भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…
विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…
98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…
भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…
गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…