रूस ने किया अंगारा- ए5 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण

रूस ने 11 अप्रैल 2024 को पहली बार अपने अंगारा-ए 5 अंतरिक्ष रॉकेट का सफल परीक्षण किया है। यह लॉन्च परीक्षण सुदूर पूर्व में वोस्तोचन कोस्मोड्रोम से किया गया। इससे पहले 9 और 10 अप्रैल दोनों दिन अंगारा रॉकेट के दो प्रक्षेपण अंतिम समय में रद्द कर दिए गए थे।

 

पिछले लॉन्च प्रयास और रद्दीकरण

दरअसल, 9 और 10 अप्रैल को दबाव प्रणाली में खराबी और इंजन प्रक्षेपण-नियंत्रण प्रणाली में समस्या होने के कारण रॉकेट टेस्ट लॉन्च को रद्द कर दिया गया था।

 

अंगारा रॉकेट का तीसरा परीक्षण हुआ सफल

  • हालांकि, यह रूस का तीसरा परीक्षण है जो सफल हुआ। रूसी अंतरिक्ष अधिकारियों के लिए 11 अप्रैल का दिन भाग्यशाली रहा है।
  • परीक्षण से पहले रूस ने अपना कॉस्मोनॉट दिवस मनाया। दरअसल, 63 साल पहले 1961 में सोवियत संघ के यूरी गगारिन बाह्य अंतरिक्ष में जाने वाले पहले व्यक्ति बने थे। इसी दिन को कॉस्मोनॉट दिवस कहा जाता है।

 

अंगारा रॉकेट का वजन

  • रॉकेट लॉन्च करने वाले मिशन नियंत्रण के अनुसार, जैसे ही रॉकेट अंतरिक्ष में उड़ा, मिनटों में 25,000 किलोमीटर (15,500 मील) प्रति घंटे से अधिक ऊंचाई में पहुंच गया था।
  • रूस की अंतरिक्ष एजेंसी, रोस्कोस्मोस ने बताया कि रॉकेट ने सामान्य रूप से काम किया है।
  • अंगारा रॉकेट 54.5 मीटर (178.81 फुट) लम्बा तीन चरणों वाला रॉकेट है। इसका वजन लगभग 773 टन है, लगभग 24.5 टन वजन अंतरिक्ष में ले जा सकता है।

 

रूस के अंगारा परियोजना के बारे में

  • रूस ने 1991 में सोवियत संघ के विघटन के कुछ साल बाद एक रूस-निर्मित लॉन्च वाहन के लिए अंगारा परियोजना की शुरुआत की थी।
  • पहली अंगारा-ए 5 परीक्षण उड़ान 2014 में हुई और दूसरी 2020 में उत्तरी रूस के प्लेसेत्स्क से हुई। 2021 में एक आंशिक परीक्षण किया गया जो असफल रहा था।
  • राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रीय सुरक्षा में अंगारा की भूमिका का भी वर्णन किया है, हालांकि यह परियोजना काफी विलंब और तकनीकी असफलताओं से ग्रस्त रही है।
  • अंगारा ए 5 का उद्देश्य रूस के प्रोटॉन लॉन्चर को सफल बनाना है।

 

अंगारा रॉकेट का महत्व

  • कजाकिस्तान से बैकोनूर को लीज पर लेने का सौदा 2050 में समाप्त होने के बाद रूस ने अंतरिक्ष तक पहुंच बनाए रखने के लिए अंगारा रॉकेट परियोजना पर काम शुरू किया।
  • रूस को उम्मीद है कि आईएसएस के प्रतिद्वंद्वी के लिए मॉड्यूल वितरित करने के लिए अंगारा की कार्गो क्षमताओं का उपयोग किया जाएगा। आने वाले वर्षों में इस सेवाओं के शुरू होने की उम्मीद है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

1 month ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago