19 जनवरी को ‘रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स’ का शुभारंभ

एक नया वैश्विक सूचकांक रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स इस महीने के अंत में लॉन्च किया जाएगा, जिसका उद्देश्य देशों के जिम्मेदार राज्य व्यवहार का मूल्यांकन करना है। यह सूचकांक नागरिक कल्याण, पर्यावरणीय संरक्षण और वैश्विक सहयोग जैसे क्षेत्रों में देशों के प्रदर्शन को परखता है। यह पहल ऐसे समय में सामने आ रही है जब विश्व के देश स्थिरता, सुशासन और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता से जुड़ी साझा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

क्यों खबर में?

रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स को 19 जनवरी को वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन द्वारा नई दिल्ली में लॉन्च किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी उपस्थित रहेंगे।

रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स के बारे में

यह एक वैश्विक मूल्यांकन ढांचा है, जो आज की आपस में जुड़ी दुनिया में देशों की जिम्मेदार कार्यप्रणाली का आकलन करता है। इसमें 154 देशों को शामिल किया गया है, जिससे यह व्यापक अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में से एक बन जाता है। यह सूचकांक पारदर्शी और वैश्विक स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है, जिससे इसकी विश्वसनीयता और देशों के बीच तुलना संभव होती है। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक विकास पर नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित करना है।

सूचकांक के मुख्य आयाम

इस सूचकांक के तीन प्रमुख आयाम हैं। पहला, आंतरिक जिम्मेदारी, जो नागरिकों की गरिमा, न्याय और समग्र कल्याण पर केंद्रित है। दूसरा, पर्यावरणीय जिम्मेदारी, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जलवायु कार्रवाई और सतत प्रथाएँ शामिल हैं। तीसरा, बाह्य जिम्मेदारी, जो शांति, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक स्थिरता में देश के योगदान का मूल्यांकन करता है। ये तीनों आयाम मिलकर देशों के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों की संतुलित तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

लॉन्च से जुड़ी संस्थाएँ

इस सूचकांक को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), भारतीय प्रबंधन संस्थान मुंबई (IIM Mumbai) और डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र जैसे प्रमुख भारतीय संस्थानों के सहयोग से लॉन्च किया जा रहा है। यह सहयोग इस पहल को अकादमिक मजबूती और नीतिगत प्रासंगिकता प्रदान करता है तथा वैश्विक नीति विमर्श में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

वैश्विक महत्व

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु जोखिम और सामाजिक असमानताओं के दौर में रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स तुलना और जवाबदेही के लिए एक समयानुकूल ढांचा प्रदान करता है। यह देशों को राष्ट्रीय हितों और वैश्विक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रेरित करता है। शांति, स्थिरता और नागरिक कल्याण पर जोर देकर यह सूचकांक सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप है। नीति निर्माता, शोधकर्ता और संस्थाएँ इसका उपयोग सुधारों को दिशा देने और जिम्मेदार वैश्विक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए कर सकते हैं।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

4 weeks ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago