हर साल 26 जनवरी को भारत गर्व और खुशी के साथ गणतंत्र दिवस मनाता है। यह वह दिन है जब 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था, जिससे भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना। 2026 में, बहुत से लोग इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि यह 77वां गणतंत्र दिवस है या 78वां।
गणतंत्र दिवस की गिनती कैसे होती है?
भारत 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र बना, जब भारतीय संविधान लागू हुआ। उसी दिन को पहला गणतंत्र दिवस माना जाता है। इसके बाद हर वर्ष गिनती एक बढ़ती है।
गिनती का क्रम
कुछ लोग इसे 78वाँ मान लेते हैं क्योंकि वे 1947 (स्वतंत्रता वर्ष) से गिनती शुरू कर देते हैं, जो गलत है।
भारत 26 जनवरी 1950 को एक गणतंत्र बना। इस दिन, संविधान ने पुराने ब्रिटिश कानून, गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया एक्ट, 1935 की जगह ले ली। तब से, भारत ने भारतीयों द्वारा बनाए गए अपने नियमों के अनुसार देश चलाना शुरू किया।
इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना को सम्मान देने के लिए 26 जनवरी की तारीख चुनी गई थी। 26 जनवरी 1930 को, भारतीय नेताओं ने पूर्ण स्वराज यानी ब्रिटिश शासन से पूरी आज़ादी की घोषणा की थी। इस तारीख को चुनकर, भारत ने अपने स्वतंत्रता संग्राम को अपने नए संविधान से जोड़ा।
गणतंत्र दिवस नई दिल्ली में एक शानदार परेड के साथ मनाया जाता है। इसमें दिखाया जाता है:
इस दिन, भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, जो गणतंत्र के प्रमुख के रूप में उनकी भूमिका को दर्शाता है।
भारतीय संविधान का निर्माण संविधान सभा द्वारा किया गया था। डॉ. भीमराव अंबेडकर संविधान की प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष थे और उन्होंने संविधान के मसौदे को अंतिम रूप देने में केंद्रीय भूमिका निभाई। संविधान के निर्माण में लगभग तीन वर्ष लगे और यह अपने व्यापक प्रावधानों के कारण विश्व के सबसे लंबे लिखित संविधानों में से एक माना जाता है।
यह दिन हमें संविधान के मूल मूल्यों की याद दिलाता है:
ये मूल्य भारतीय लोकतंत्र की नींव बनाते हैं। यह हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और संविधान की शक्ति को याद करने का दिन है।
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