प्रसिद्ध तमिल लोकगीतकार और प्रशंसित लेखक कि. राजनारायणन (Ki. Rajanarayanan) का निधन हो गया है. उनके तमिल आद्याक्षरों द्वारा किरा के नाम से प्रसिद्ध, उन्हें ‘करिसल साहित्य (Karisal Literature)’ के अग्रदूत के रूप में जाना जाता था. किरा को उनके उपन्यास ‘गोपालपुरथु मक्कल (Gopalapurathu Makkal)’ के लिए 1991 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. वह लघु कथाओं, उपन्यासों, लोककथाओं और निबंधों के एक प्रख्यात लेखक थे और उन्होंने 30 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित की हैं.
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