प्रख्यात ओडिया कवि रमाकांत रथ का निधन

प्रसिद्ध ओडिया कवि और पूर्व आईएएस अधिकारी रमाकांत रथ का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 30 दिसंबर 1934 को ओडिशा के पुरी जिले में जन्मे रथ ने आधुनिक ओडिया साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी काव्य यात्रा रेवेन्सॉ कॉलेज, कटक में अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई के दौरान शुरू हुई। उनकी प्रमुख कृतियाँ ‘सप्तम ऋतु’, ‘श्री राधा’ और ‘संदिग्ध मृगया’ ओडिया कविता में गहरी दार्शनिक सोच और विशिष्ट काव्य अभिव्यक्ति का प्रतीक बनीं।

रमाकांत रथ: जीवन और साहित्यिक योगदान

व्यक्तिगत विवरण

  • जन्म: 30 दिसंबर 1934
  • जन्मस्थान: पुरी जिला, ओडिशा
  • शिक्षा: रेवेन्सॉ कॉलेज, कटक से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर (MA)
  • निधन: मार्च 2025

साहित्यिक योगदान

  • अपनी कॉलेज शिक्षा के दौरान कविता लेखन की शुरुआत की।
  • प्रथम काव्य संग्रह: ‘केत दिनारा’ (Kete Dinara – Of Many Bygone Days), 1962
  • प्रारंभिक कविताएँ प्रेम से प्रेरित थीं, लेकिन बाद में उन्होंने मानव नियति और अस्तित्ववादी चिंतन को अपने लेखन में स्थान दिया।

प्रमुख कृतियाँ

  • ‘सप्तम ऋतु’ (The Seventh Season, 1977) – साहित्य अकादमी पुरस्कार (1978) प्राप्त
  • ‘श्री राधा’ (1985) – सरस्वती सम्मान से सम्मानित
  • ‘अनेक कोठारी’ (Several Rooms)
  • ‘संदिग्ध मृगया’ (Deer Hunt in a Mood of Indecision)
  • ‘सचित्र अंधार’ (Illustrated Darkness)

उनकी रचनाएँ गद्य और काव्यात्मकता का अनूठा समन्वय प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने आधुनिक ओडिया कविता में नई भाषा और संरचना को अपनाया, जिससे उनकी कविताएँ अद्वितीय बन गईं। उनकी रचनाएँ अंग्रेजी सहित कई भारतीय भाषाओं में अनुवादित हो चुकी हैं।

पुरस्कार और सम्मान

  • केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार (1978)
  • सरस्वती सम्मान (1992)
  • पद्म भूषण (2006)
  • अतिबाड़ी जगन्नाथ दास पुरस्कार (2018) – ओडिशा का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान
  • राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार
  • बिशुवा सम्मान
  • कबीर सम्मान

प्रशासनिक सेवा में करियर

  • 1957 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए।
  • ओडिशा के मुख्य सचिव और भारत सरकार में सचिव के रूप में कार्य किया।
  • संयुक्त राष्ट्र (FAO) में गुयाना में सलाहकार के रूप में सेवा दी।
  • केन्द्रीय साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष रहे।
  • ओडिशा समुद्री अकादमी के मानद अध्यक्ष भी रहे।

विरासत और श्रद्धांजलि

  • ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान देने की घोषणा की।
  • उनका अंतिम संस्कार पुरी के स्वर्गद्वार में किया जाएगा।
  • उन्होंने ओडिया साहित्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सारांश/स्थिर विवरण विवरण
क्यों चर्चा में? प्रसिद्ध ओड़िया कवि रामाकांत रथ का निधन
शिक्षा अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. (रवेंसॉ कॉलेज, कटक)
करियर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), ओडिशा के मुख्य सचिव, FAO (UN) में सलाहकार
मुख्य रचनाएँ केते दिनारा, सप्तम ऋतु, श्री राधा, संदिग्ध मृगया, अनेक कोठारी
प्रमुख पुरस्कार साहित्य अकादमी पुरस्कार (1978), सरस्वती सम्मान (1992), पद्म भूषण (2006), अतिबड़ी जगन्नाथ दास पुरस्कार (2018)

 

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vikash

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