भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग नियमों के उल्लंघन के चलते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में अनुशासन और उपभोक्ता सुरक्षा को सुनिश्चित करने के RBI के कड़े रुख को दर्शाता है।
RBI ने 9 मई 2025 को घोषणा की कि उसने निम्नलिखित जुर्माने लगाए हैं:
SBI पर ₹1.72 करोड़ का जुर्माना
जना स्मॉल फाइनेंस बैंक पर ₹1 करोड़ का जुर्माना
ये जुर्माने ऋण, ग्राहक जवाबदेही और बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण लगाए गए हैं।
जुर्माना राशि: ₹1,72,80,000
उल्लंघन के क्षेत्र:
RBI के “Loans and Advances – Statutory and Other Restrictions” निर्देशों का पालन न करना
“Customer Protection – Unauthorised Electronic Banking Transactions” पर सीमित जिम्मेदारी से जुड़े मानदंडों का उल्लंघन
चालू खाता खोलने के नियमों का उल्लंघन
जुर्माना राशि: ₹1,00,00,000
उल्लंघन का कारण:
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों का उल्लंघन
RBI ने स्पष्ट किया है कि:
ये जुर्माने किसी विशिष्ट बैंकिंग लेन-देन या समझौते की वैधता पर निर्णय नहीं हैं।
इनका उद्देश्य केवल विनियामक आवश्यकताओं के बेहतर अनुपालन को सुनिश्चित करना है।
RBI भारत के बैंकिंग क्षेत्र का नियामक है। इसका कार्य है कि बैंकिंग प्रणाली में कानूनी पालन, पारदर्शिता और स्थिरता बनी रहे।
RBI का एक प्रमुख उद्देश्य यह भी है कि अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन में ग्राहकों की जिम्मेदारी सीमित की जाए, जिससे उनके हित सुरक्षित रहें।
RBI ने दोहराया कि:
खातों का संचालन और ऋण वितरण में अनुशासन अत्यंत आवश्यक है।
इससे वित्तीय प्रणाली की साख और स्थिरता बनी रहती है।
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