भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा म्हापसा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ऑफ गोवा लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। केंद्रीय बैंक द्वारा आदेश जारी किया है, जिसमें बैंक के 16 अप्रैल, 2020 से प्रभावी रूप से बैंकिंग व्यवसाय करने पर रोक लगाई गई है। इस प्रकार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के ‘बैंकिंग’ व्यवसाय करने पर पाबन्दी लगा दी गई है, जिसमें बैंकिंग अनुमति अधिनियम, 1949 की धारा 56 के तहत तत्काल प्रभाव से जमा की गई धनराशि के पुनर्भुगतान के साथ-साथ धारा 5 (बी) में बताई गई जमा भी शामिल है।
इसके अलावा RBI ने भारत सरकार की सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार से अनुरोध किया है कि वे बैंक को बंद करने के साथ-साथ बैंक के लिए परिसमापक नियुक्त करने का भी आदेश जारी करें। म्हापसा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ऑफ गोवा लिमिटेड का लाइसेंस बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावना नहीं होने के कारण रद्द किया गया है। साथ ही, यह शहरी सहकारी बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के कुछ अन्य धारा सहित 56 में निर्देशित धारा 11 (1) और धारा 22 (3) (डी) के प्रावधानों का भी अनुपालन भी नहीं करता है।
RBI ने अपने आदेश में कहा है कि बैंक की निरंतरता उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुक़सानदेह हो सकती है क्योंकि शहरी सहकारी बैंक वर्तमान में अपने वर्तमान जमाकर्ताओं को पूर्ण भुगतान करने की स्थिति में नहीं है।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- RBI के 25 वें गवर्नर: शक्तिकांता दास; मुख्यालय: मुंबई; स्थापित: 1 अप्रैल 1935, कोलकाता.



World Red Cross Day 2026: क्यो...
Mother’s Day 2026: “मां कभ...
Hantavirus क्या है? कै...


