RBI के अनुसार, महाराष्ट्र स्थित शिवम सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है, क्योंकि बैंक के पास न तो पर्याप्त पूंजी (adequate capital) है और न ही भविष्य में कमाई की संभावना है. सहकारिता आयुक्त और रजिस्ट्रार, सहकारी संस्था, महाराष्ट्र से भी अनुरोध किया गया है कि वे बैंक को बंद करने के लिए एक आदेश जारी करें और बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करें. लाइसेंस रद्द करने के साथ DICGC अधिनियम, 1961 के अनुसार जमाकर्ताओं को भुगतान करने की प्रक्रिया में सेट किया जाएगा.
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कोल्हापुर स्थित बैंक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, बैंक में पैसा जमा करने वाले 99% से अधिक जमाकर्ता डिपोजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) से पूर्णत: बीमाकृत हैं. अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति में बैंक अपने वर्तमान जमाकर्ताओं का पूर्ण भुगतान करने में असमर्थ होगा.
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