भारतीय रिजर्व बैंक ने भुगतान प्रणाली परिचालकों (Payment System Operators–PSOs) द्वारा भुगतान लेनदेन के लिए कोई नया प्रॉप्राइटेरी क्यूआर (क्विक रेस्पांस) कोड शुरू करने पर रोक लगा दी है। वर्तमान में दो इंटरऑपरेबल (अंत:प्रचालनीय) क्यूआर कोड यूपीआई क्यूआर और भारत क्यूआर परिचालन में हैं।
रिजर्व बैंक ने दीपक फाटक की अध्यक्षता में भारत में कोड की मौजूदा प्रणाली की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की थी। समिति को इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड की ओर रुख करने के उपाय सुझाने थे। दो मौजूदा क्विक रेस्पांस (क्यूआर) कोड के साथ ही आगे बढ़ने का फैसला समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
क्यूआर कोड दो-आयाम के मशीन द्वारा पढ़े जाने योग्य बारकोड होते हैं। पॉइंट ऑफ सेल (POS) पर मोबाइल के जरिये भुगतान के लिए इनका इस्तेमाल होता है। क्यूआर कोड में बड़ी मात्रा में सूचना रखी जा सकती है।प्रॉप्राइटरी क्यूआर कोड का इस्तेमाल करने वाले एक या अधिक अंत:प्रचालनीय या इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड की ओर स्थानांतरित होंगे। स्थानांतरण की यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2022 तक पूरी हो जानी चाहिए।
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