RBI ने एसएफबी को यूपीआई के जरिए ऋण देने की अनुमति दी

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत (Pre-Sanctioned) क्रेडिट लाइन देने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय उन लोगों और छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देगा, जिनकी औपचारिक बैंकिंग तक सीमित पहुँच है।

UPI में क्रेडिट सुविधा का विस्तार कैसे हुआ?

यूपीआई प्लेटफॉर्म, जिसे 2016 में लॉन्च किया गया था, शुरू में रीयल-टाइम फंड ट्रांसफर के लिए विकसित किया गया था। समय के साथ, इसका दायरा बढ़ा और यह व्यापारियों, उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए एक प्रमुख भुगतान प्रणाली बन गया।

  • सितंबर 2023 में, आरबीआई ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) को UPI से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइन जोड़ने की अनुमति दी थी।
  • हालांकि, उस समय SFBs, पेमेंट बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) को इस सुविधा से बाहर रखा गया था।
  • अब, नवीनतम निर्णय के तहत, SFBs भी अपने ग्राहकों को UPI के माध्यम से डिजिटल क्रेडिट की सुविधा दे सकते हैं।

स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) के लिए यह कदम क्यों महत्वपूर्ण है?

SFBs ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों, निम्न-आय वर्ग के ग्राहकों और नए उधारकर्ताओं को सेवाएँ प्रदान करते हैं। उनके लिए पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं तक पहुँचना कठिन होता है।

आरबीआई के इस फैसले से कई लाभ होंगे:

  • तेजी से डिजिटल क्रेडिट बिना किसी जमानत के उपलब्ध होगा।
  • क्रेडिट वितरण लागत कम होगी, जिससे छोटे ऋण किफायती बनेंगे।
  • ग्राहक जरूरत के अनुसार धन का उपयोग कर पाएंगे, जिससे वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
  • पहली बार ऋण लेने वालों के लिए औपचारिक बैंकिंग प्रणाली का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।

भारत के डिजिटल बैंकिंग भविष्य के लिए क्या मायने रखता है?

  • यूपीआई के साथ क्रेडिट सुविधा जोड़ने से डिजिटल बैंकिंग अधिक समावेशी और कुशल बनेगी।
  • SFBs के अलावा फिनटेक कंपनियाँ और डिजिटल ऋणदाता भी इस प्रणाली से जुड़ सकते हैं।
  • आरबीआई जल्द ही विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश जारी करेगा, जिससे इस सुविधा का सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
  • डिजिटल क्रेडिट को अपनाने की गति बढ़ेगी, जिससे व्यक्तियों और व्यवसायों को आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिलेगा।

भारत को कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ाने में UPI के माध्यम से त्वरित क्रेडिट उपलब्धता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और देश के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

12 hours ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

13 hours ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

13 hours ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

14 hours ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

15 hours ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

16 hours ago