रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘सशक्त भारत’ हिंदी पत्रिका के पहले संस्करण का अनावरण किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आधिकारिक संचार में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय (MoD) की द्वि-वार्षिक हिंदी पत्रिका ‘सशक्त भारत’ के प्रथम संस्करण का विमोचन किया। यह कार्यक्रम 27 फरवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में आयोजित हुआ। यह पत्रिका रक्षा मंत्रालय के राजभाषा विभाग की पहल है, जिसका उद्देश्य सशस्त्र बलों के सैनिकों की देशभक्ति, शौर्य और बलिदान को उजागर करना तथा सरकारी नीतियों को हिंदी में प्रस्तुत करना है।

‘सशक्त भारत’ की महत्वपूर्ण भूमिका

हिंदी पत्रिका ‘सशक्त भारत’ का प्रकाशन सरकार की प्रशासनिक और आधिकारिक कार्यों में हिंदी को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है। इस पत्रिका के माध्यम से रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में अपने विचार साझा करने का अवसर मिलेगा। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • सशस्त्र बलों के शौर्य व देशभक्ति को कविता और लेखों के माध्यम से प्रदर्शित करना।
  • प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित कर इसे एकता की भाषा के रूप में स्थापित करना।
  • रक्षा मंत्रालय के सभी कर्मचारियों को, चाहे वे किसी भी पद पर हों, अपनी राय और अनुभव साझा करने हेतु एक समावेशी मंच प्रदान करना।

विमोचन कार्यक्रम में रक्षा मंत्री का संबोधन

श्री राजनाथ सिंह ने पत्रिका के विमोचन के दौरान रक्षा मंत्रालय के राजभाषा विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने हिंदी को केवल भाषा ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एवं भावनात्मक एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने सरकारी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि भाषा राष्ट्रीय एकता और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

रक्षा मंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदु:

  • हिंदी का उपयोग बढ़ाने से प्रशासनिक कार्यों की सुगमता और संप्रेषणीयता में वृद्धि होगी।
  • यह पत्रिका रक्षा मंत्रालय में समावेशिता और भाषायी एकता को बढ़ावा देगी।
  • यह पहल रक्षा एवं प्रशासनिक संचार में हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित करने की सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

‘सशक्त भारत’ के प्रमुख विषय और विशेषताएँ

पत्रिका के प्रथम संस्करण में रक्षा मंत्रालय के विभिन्न स्तरों के अधिकारियों द्वारा लिखित साहित्यिक और विश्लेषणात्मक लेख सम्मिलित किए गए हैं। इसमें निम्नलिखित विषय शामिल हैं:

  • कविताएँ एवं साहित्यिक रचनाएँ: भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बलिदान को समर्पित।
  • सरकारी नीतियों पर लेख: रक्षा नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और आधुनिकीकरण प्रयासों पर विस्तृत विश्लेषण।
  • रक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों के विचार: राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा सुधारों और रणनीतिक विषयों पर उनके विचार प्रस्तुत करने का विशेष मंच।

‘सशक्त भारत’ की डिजिटल उपलब्धता

इस पत्रिका को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए इसका ई-संस्करण रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (https://mod.gov.in/) पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के अनुरूप है, जिससे सशस्त्र बलों के कर्मी एवं आम जनता हिंदी में समृद्ध सामग्री का डिजिटल रूप में लाभ उठा सकेंगे।

विमोचन कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:

  • रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ
  • चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान
  • रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह
  • सचिव (रक्षा उत्पादन) श्री संजीव कुमार
  • सचिव (पूर्व सैनिक कल्याण) डॉ. नितेन चंद्र
  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव एवं डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत

इन अधिकारियों की उपस्थिति ने इस पहल के महत्व को रेखांकित किया और रक्षा मंत्रालय द्वारा भाषाई समावेशिता एवं सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को पुनः सशक्त किया।

श्रेणी विवरण
क्यों चर्चा में? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 27 फरवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में रक्षा मंत्रालय (MoD) की द्वि-वार्षिक हिंदी पत्रिका ‘सशक्त भारत’ के प्रथम संस्करण का विमोचन किया।
उद्देश्य आधिकारिक संचार में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देना, रक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना और सशस्त्र बलों के शौर्य एवं देशभक्ति को उजागर करना।
मुख्य विशेषताएँ – पत्रिका में रक्षा मंत्रालय के कर्मियों द्वारा लिखित कविताएँ, लेख और विचार शामिल हैं।
– प्रशासनिक ढांचे में हिंदी को एकता की भाषा के रूप में प्रोत्साहित किया गया है।
– पत्रिका का ई-संस्करण रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (https://mod.gov.in/) पर उपलब्ध है।
रक्षा मंत्री के विचार – हिंदी राष्ट्रीय एकता और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करती है।
– यह पत्रिका समावेशिता और भाषायी एकता का माध्यम बनेगी।
– सरकारी कार्यों में हिंदी के अधिक उपयोग से सुगमता और पहुंच में वृद्धि होगी।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, सचिव (रक्षा उत्पादन) श्री संजीव कुमार, सचिव (पूर्व सैनिक कल्याण) डॉ. नितेन चंद्र, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव एवं डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत।
महत्व रक्षा मंत्रालय में भाषायी समावेशिता और सांस्कृतिक गौरव को सशक्त बनाना, जिससे अन्य सरकारी संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत स्थापित हो।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

3 weeks ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

4 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

4 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

4 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

4 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

4 weeks ago