
हाल ही में पुणे में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 75 दिन पूर्व ‘योग महोत्सव’ आयोजित किया गया था। प्रतिभागियों ने मंत्रमुग्ध कर देने वाले परिणाम के साथ पूर्ण लय और सामंजस्य के साथ सामान्य योग प्रोटोकॉल (Common Yoga Protocol – CYP) का प्रदर्शन किया। इसका आयोजन भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा किया गया था।
इस भव्य कार्यक्रम में हजारों प्रतिभागी एकत्रित हुए और सामान्य योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के अभ्यास में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के दौरान उत्साह और भागीदारी का यह उल्लेखनीय प्रदर्शन व्यक्तिगत व सामाजिक सुधार को बढ़ावा देने में योग के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।
सम्मानित अतिथि एवं गणमान्य व्यक्ति
इस कार्यक्रम में कई सम्मानित अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से इसकी गरिमा बढ़ाई। इनमें आयुष मंत्रालय में उप महानिदेशक श्री सत्यजीत पॉल, योग विद्या गुरुकुल के अध्यक्ष व नासिक स्थित प्रतिष्ठित योग गुरु श्री विश्वास मांडलिक, आयुष मंत्रालय में निदेशक श्रीमती विजयालक्ष्मी भारद्वाज, पुणे स्थित राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान की निदेशक डॉ. सत्य लक्ष्मी और एमडीएनआईवाई के निदेशक डॉ. काशीनाथ समगाडी शामिल थे। उनकी भागीदारी ने इस अवसर को विशिष्ट बना दिया, जो योग को बढ़ावा देने और व्यक्तियों व समुदायों के लिए बेहतरी के उद्देश्य को आगे बढ़ाने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दिखाता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया। 21 जून की तारीख का सुझाव इसलिये दिया गया क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन है जिसका दुनिया के कई हिस्सों में विशेष महत्त्व है। पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह 21 जून, 2015 को नई दिल्ली के राजपथ पर आयोजित किया गया था। ‘योग’ शब्द संस्कृत से लिया गया है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर एवं चेतना के मिलन का प्रतीक है।


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