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कावेह मदानी: स्टॉकहोम वाटर प्राइज जीतने वाले सबसे युवा वैज्ञानिक

प्रोफेसर कावेह मदानी (Kaveh Madani) को जल संसाधन प्रबंधन में उनके नवाचारपूर्ण शोध, नीतिगत योगदान और वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने हेतु स्टॉकहोम वॉटर प्राइज 2026 (Stockholm Water Prize 2026) से सम्मानित किया गया। उन्होंने कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी काम करते हुए गेम थ्योरी के जरिए जल संकट समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घोषणा UNESCO मुख्यालय, पेरिस में World Water Day से पहले की गई। 44 वर्ष की आयु में वे इस पुरस्कार के सबसे युवा विजेता और इसे पाने वाले पहले संयुक्त राष्ट्र अधिकारी बने हैं। उन्हें जल विज्ञान को नीति, कूटनीति और जन-जागरूकता से जोड़ने के लिए सम्मानित किया गया है।

वैश्विक जल नेतृत्व में ऐतिहासिक उपलब्धि

उनकी यह उपलब्धि ऐतिहासिक है क्योंकि वे 35 वर्षों के इतिहास में सबसे युवा विजेता हैं। स्टॉकहोम वॉटर प्राइज को “जल का नोबेल पुरस्कार” भी कहा जाता है। यह पुरस्कार जल संरक्षण, प्रबंधन और अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

कावेह मदानी का सफर चुनौतियों से भरा रहा है। 2017 में वे ईरान लौटे और जल प्रबंधन सुधार के लिए काम किया, लेकिन राजनीतिक विरोध के कारण उन्हें आरोपों और पूछताछ का सामना करना पड़ा। उन्हें “वॉटर टेररिस्ट” तक कहा गया और 2018 में उन्हें देश छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने वैश्विक स्तर पर अपना कार्य जारी रखा।

“Water Bankruptcy” की अवधारणा

  • उनका एक महत्वपूर्ण योगदान “Water Bankruptcy” (जल दिवालियापन) का विचार है।
  • इसका अर्थ है कि जल संकट अब अस्थायी नहीं बल्कि दीर्घकालिक और संरचनात्मक समस्या बन चुका है।
  • कई नदियां और भूजल स्रोत अब पुनः भर नहीं पा रहे हैं।
  • इस अवधारणा ने वैश्विक स्तर पर जल नीतियों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने की दिशा दी है।

विज्ञान और नीति के बीच सेतु

कावेह मदानी जल प्रबंधन में गेम थ्योरी और निर्णय विश्लेषण जैसे वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करते हैं। यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट फॉर वाटर, एनवायरनमेंट एंड हेल्थ (UNU-INWEH) के प्रमुख के रूप में वे सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर वैज्ञानिक शोध को व्यावहारिक नीतियों में बदलते हैं।

स्टॉकहोम वॉटर प्राइज के बारे में

वर्ष 1991 में स्थापित यह पुरस्कार स्टॉकहोम वॉटर फाउंडेशन और रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा दिया जाता है। यह उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करता है, जिनका कार्य जल संसाधनों के संरक्षण और सतत उपयोग में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह जल क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है और इसे स्वीडन के राजा द्वारा प्रदान किया जाता है।

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vikash

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