प्रधान
मंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 दिसंबर 2020 को 100 वीं ‘किसान
रेल’ को हरी झंडी दिखाई. किसान
रेल की 100वीं यात्रा को महाराष्ट्र के संगोला से
पश्चिम बंगाल के शालीमार के लिए रवाना किया गया. किसान रेल पूरी सुरक्षा के साथ
फल, सब्जियां, दूध, मछली आदि जैसी नष्ट
होने वाली चीजों
को स्थानांतरित करने के लिए एक मोबाइल कोल्ड स्टोरेज है.
WARRIOR 4.0 | Banking Awareness Batch for SBI, RRB, RBI and IBPS Exams | Bilingual | Live Class
पहली
किसान रेल 7 अगस्त, 2020 को महाराष्ट्र में देवलाली से बिहार के दानापुर तक शुरू की
गई थी, जिसे मुजफ्फरपुर तक बढ़ा दिया गया था. वर्तमान में, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और नागपुर जैसे राज्यों को जोड़ने वाली भारत भर में केवल कुछ ही
गाड़ियाँ चलती हैं, नौ मार्गों पर नौ किसान रेल
चलती हैं.
AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…
बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…
भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…
भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…
एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…