भारत में पारदर्शिता बढ़ाने और प्रक्रियागत देरी को कम करने के उद्देश्य से भारत के प्रेस रजिस्ट्रार जनरल (PRGI) ने ‘प्रेस सेवा’ पोर्टल लॉन्च किया है। यह डिजिटल सिंगल-विंडो प्लेटफ़ॉर्म देशभर में अख़बारों और पत्रिकाओं के पंजीकरण को सरल और तेज़ बनाने के लिए तैयार किया गया है। यह पहल सरकार के मीडिया गवर्नेंस के आधुनिकीकरण और प्रकाशकों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है।
भारत के प्रेस रजिस्ट्रार जनरल योगेश बावेजा द्वारा लॉन्च किया गया यह पोर्टल निम्नलिखित कार्यों को पूरा करने के लिए बनाया गया है—
अख़बार और पत्रिकाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाना।
आवेदन की जाँच और स्वीकृति को डिजिटल माध्यम से तेज़ करना।
निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
प्रकाशकों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों, जैसे देरी और बिचौलियों की समस्या, का समाधान करना।
नए सिस्टम के अनुसार, यदि 60 दिनों के भीतर प्राधिकरण की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है, तो आवेदन को स्वतः स्वीकृत (deemed approved) माना जाएगा। यह परंपरागत नौकरशाही बाधाओं से एक बड़ा बदलाव है।
व्यवसाय में आसानी: एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आवेदन, स्पष्टीकरण और स्थिति अपडेट।
तेज़ प्रक्रिया: 60 दिनों के भीतर प्रतिक्रिया न मिलने पर स्वतः स्वीकृति।
बिचौलियों से मुक्ति: सीधे पोर्टल के उपयोग से डेटा सुरक्षा और लागत बचत।
बेहतर सहायता: आने वाले समय में हेल्पलाइन सेवा से प्रकाशकों को वास्तविक समय में मदद मिलेगी।
इससे छोटे, क्षेत्रीय और डिजिटल प्रकाशकों को विशेष लाभ होगा, जो अब तक कई प्रक्रियागत अड़चनों का सामना करते रहे हैं।
यह डिजिटल पहल भारत में नियामकीय (regulatory) सुधारों की एक बड़ी दिशा को दर्शाती है, जहाँ नागरिक और उद्योग दोनों से जुड़े कार्यों को स्मार्ट गवर्नेंस मॉडल में बदला जा रहा है।
‘प्रेस सेवा’ पोर्टल सीधा जुड़ा है—
डिजिटल इंडिया मिशन से
ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस सुधारों से
और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की पारदर्शी शासन प्रणाली से
इससे सभी श्रेणी के प्रिंट मीडिया हितधारकों के लिए निष्पक्ष और समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित होगा।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]कई वर्षों के इंतज़ार के बाद, तमिलनाडु सरकार ने अंततः 2016 से 2022 तक के…
भारत ने वैश्विक पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गंगा…
भारत ने रक्षा आधुनिकीकरण की दिशा में एक और मजबूत कदम उठाया है। जनवरी 2026…
अंतरराष्ट्रीय ज़ेबरा दिवस हर वर्ष 31 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पृथ्वी के…
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मासिक धर्म स्वास्थ्य (Menstrual Health) को अनुच्छेद 21 के तहत…
विश्व बैंक समूह (World Bank Group) ने अगले पाँच वर्षों तक हर वर्ष 8–10 अरब…