राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अल्जीरिया में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 15 नवंबर 2024 को अल्जीरिया में राजनीति विज्ञान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 13-19 अक्टूबर 2024 तक अफ्रीकी देशों अल्जीरिया, मॉरिटानिया और मलावी के तीन देशों के दौरे पर हैं। वह पहले अल्जीरिया, फिर मॉरिटानिया और अपने दौरे के आखिरी चरण में मलावी का दौरा करेंगी।

राष्ट्रपति मुर्मू इन तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा करने वाले पहली भारतीय राष्ट्रपति हैं। अपनी अफ्रीकी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति के साथ केन्द्रीय राज्य मंत्री सुकनता मजूमदार और संसद सदस्य, मुकेश कुमार दलाल और अतुल गर्ग भी हैं। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी 15 अक्टूबर को अल्जीयर्स में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति की अल्जीरिया यात्रा की मुख्य बातें

  • राष्ट्रपति मुर्मू 13-15 अक्टूबर 2024 तक अल्जीरिया की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थीं ।
  • राष्ट्रपति मुर्मू का अल्जीरिया की राजधानी,अल्जीयर्स के हवाई अड्डे पर अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौने ने स्वागत किया।
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने अल्जीयर्स के एल मौराडिया पैलेस में अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौने के साथ आधिकारिक वार्ता की और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
  • राष्ट्रपति मुमरू को अल्जीरिया के वैज्ञानिक और तकनीकी केंद्र, शहीद इहादादेन अब्देलहाफिद विश्वविद्यालय द्वारा राजनीति विज्ञान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने अल्जीरियाई-भारतीय आर्थिक मंच को भी संबोधित किया, जिसे अल्जीरियाई आर्थिक नवीकरण परिषद और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।

भारत अल्जीरिया संबंध

अल्जीरिया को फ्रांस से आजादी मिलने के बाद जुलाई 1962 में भारत और अल्जीरिया के बीच राजनयिक संबंध स्थापित हुए। 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 17733.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। 2023-24 में अल्जीरिया को भारत का निर्यात 848.16 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, और अल्जीरिया से आयात 885.54 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।  भारत मुख्य रूप से अल्जीरिया को चावल, फार्मास्युटिकल उत्पाद, पॉलीथीन टेरेफ्थेलेट, ग्रेनाइट, बोनलेस मांस आदि का निर्यात करता था, जबकि अल्जीरिया से पेट्रोलियम तेल, एलएनजी, प्राकृतिक कैल्शियम फॉस्फेट, संतृप्त मेथनॉल और यूरिया का आयात करता था। अल्जीरिया में करीब 3800 भारतीय काम कर रहे हैं। अल्जीरिया में कुशल और अर्ध-कुशल दोनों तरह के भारतीय कामगार ,देश के विभिन्न परियोजनाओं में  काम कर रहे हैं।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

क्या अब अमेरिका में तीन साल तक नहीं मिलेगा H-1B वीजा?, जानें सबकुछ

अमेरिका में हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों के एक समूह ने कांग्रेस (अमेरिकी…

19 hours ago

नीतू समरा को Noida International Airport का अंतरिम CEO नियुक्त किया गया

नीतू समरा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) का निया सीईओ नियुक्त किया गया है।…

20 hours ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर हुआ 703.3 अरब डॉलर

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो 17 अप्रैल,…

21 hours ago

भारत ने मालदीव को 30 अरब रुपये की निकासी मंजूर की

भारत की ओर से मालदीव को दी जा रही आर्थिक और वित्तीय सहायता की पहली…

22 hours ago

विश्व मलेरिया दिवस 2026: तिथि, विषय और वैश्विक प्रयासों की व्याख्या

विश्व मलेरिया दिवस 2026 हर साल 25 अप्रैल को मनाया जाएगा, ताकि मलेरिया के बारे…

23 hours ago

India Census 2027: आरजीआई ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 शुरू की

सरकार ने भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम…

24 hours ago