राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक उद्यानों को नया आयाम देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्लूमेरिया गार्डन, वट वृक्ष उपवन और बैबलिंग ब्रुक—अमृत उद्यान के तीन नए विकसित हिस्सों का उद्घाटन किया। इन नवविकसित उद्यानों ने न केवल राष्ट्रपति भवन की दृश्य और पारिस्थितिक सुंदरता को समृद्ध किया है, बल्कि स्वास्थ्य, स्थिरता और जनसहभागिता के नए आयाम भी जोड़े हैं।
प्लूमेरिया गार्डन
यह उद्यान हरी-भरी ढलानों और चयनित पौधों से सुसज्जित है। इसकी शांति और रंग-बिरंगे पुष्प वातावरण को आत्मिक शांति और चिंतन का स्थान बनाने में सहायक है।
वट वृक्ष उपवन
यह भाग प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस का अनोखा मिश्रण है। इसमें,
नंगे पांव चलने के लिए रिफ्लेक्सोलॉजी पथ
पंचतत्व पथ, जो प्रकृति के पाँच तत्वों का प्रतीक हैं
वन-प्रेरित ध्वनियों से सजी ध्यानपूर्ण अनुभूति
यहाँ स्वास्थ्य और मानसिक शांति को बढ़ावा देने का विशेष प्रावधान किया गया है।
बैबलिंग ब्रुक
इस हिस्से में प्राकृतिक झरने जैसे जलप्रपात, कलात्मक फव्वारे और पत्थरों पर बने पगडंडी मार्ग शामिल हैं। यह उद्यान में प्रवाह, ध्वनि और शांति का समन्वय लाता है।
ये तीनों नए उद्यान अब जनता के लिए अमृत उद्यान का हिस्सा बन गए हैं और 14 सितंबर 2025 तक खुले रहेंगे।
राष्ट्रपति भवन की सांस्कृतिक और पारिस्थितिक विरासत को नया स्वरूप
जनस्वास्थ्य और ध्यान पर केंद्रित रिफ्लेक्सोलॉजी एवं नेचर ट्रेल्स
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की सतत विकास और समावेशी विरासत पर विशेष दृष्टि
ये नवाचार राष्ट्रपति भवन को और अधिक जन-केंद्रित और पर्यावरण-संवेदनशील बनाने की दिशा में एक अहम कदम हैं।
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