पोंडुरु खादी को GI टैग मिला

भारत की पारंपरिक हथकरघा विरासत को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, आंध्र प्रदेश का विशिष्ट पोंडुरु खादी—जो हाथ से काते और हाथ से बुने गए सूती कपड़े के लिए प्रसिद्ध है—को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्रदान किया गया है। यह मान्यता उस ऐतिहासिक प्रशंसा के लगभग 100 वर्ष बाद मिली है, जब महात्मा गांधी ने स्वयं पोंडुरु खादी की असाधारण महीनता और उत्कृष्ट शिल्पकला की सराहना की थी। GI टैग से न केवल पोंडुरु खादी की पहचान और संरक्षण सुदृढ़ होगा, बल्कि स्थानीय बुनकरों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।

पोंडुरु खादी क्या है?

पोंडुरु खादी एक पारंपरिक हाथ से काती और हाथ से बुनी सूती कपड़ा है, जो अपनी अत्यंत महीन बनावट और मजबूती के लिए प्रसिद्ध है। इसे अन्य खादी किस्मों से अलग बनाने वाली विशेषता है स्थानीय रूप से उगाई गई कपास और पारंपरिक कताई तकनीक का उपयोग, जिसमें अक्सर विशेष लकड़ी की चरखा और चावल की माड़ से सूत को मजबूत किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से, पोंडुरु खादी को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विशेष पहचान मिली, जब महात्मा गांधी ने इसे स्वावलंबन और स्वदेशी आंदोलन के प्रतीक के रूप में प्रोत्साहित किया।

GI टैग: इसका अर्थ क्या है?

भौगोलिक संकेत (Geographical Indication – GI) टैग एक बौद्धिक संपदा अधिकार है, जो ऐसे उत्पादों को दिया जाता है जो किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र से संबंधित हों और जिनकी गुणवत्ता, प्रतिष्ठा या विशिष्टता उस स्थान से जुड़ी हो। GI टैग से पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण, उत्पाद के नाम के दुरुपयोग पर रोक, और यह सुनिश्चित होता है कि केवल अधिकृत उत्पादक ही उस नाम से उत्पाद का विपणन कर सकें।

सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व

पोंडुरु खादी को मिला GI टैग भारत के पारंपरिक वस्त्रों और स्वदेशी शिल्प के संरक्षण के व्यापक प्रयासों को मजबूत करता है। भारत में पहले से ही बनारसी रेशम, कांचीपुरम रेशम, पोचमपल्ली इकत और चंदेरी कपड़ा जैसे कई GI-टैग प्राप्त वस्त्र हैं। इस सूची में पोंडुरु खादी का शामिल होना आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक और कारीगर पहचान को और सुदृढ़ करता है।

मुख्य बिंदु

  • पोंडुरु खादी को भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्रदान किया गया है।
  • यह आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के पोंडुरु गांव से संबंधित है।
  • GI टैग केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा दिया गया।
  • पोंडुरु खादी की प्रशंसा महात्मा गांधी ने लगभग 100 वर्ष पहले की थी।
  • GI टैग एक भौगोलिक मूल से जुड़ा बौद्धिक संपदा अधिकार है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

5 days ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

1 month ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

1 month ago