भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने बीमा नियमों के कई उल्लंघनों के लिए पॉलिसीबाज़ार इंश्योरेंस ब्रोकर्स पर ₹5 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। इन उल्लंघनों में बीमा उत्पादों के भ्रामक प्रचार से लेकर प्रीमियम के भुगतान में देरी और आउटसोर्सिंग प्रथाओं में पारदर्शिता की कमी शामिल है। यह नियामक कार्रवाई बीमा मध्यस्थों के लिए उपभोक्ताओं का विश्वास और अनुपालन बनाए रखने की एक कड़ी चेतावनी है।
भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने Policybazaar पर कई अनियमितताओं के चलते बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 102 के तहत जुर्माना लगाया है। जुर्माने के साथ ही नियामक ने पालना सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने की सलाह, और भविष्य में उल्लंघन से बचने की चेतावनी भी जारी की है।
Policybazaar ने कुछ बीमा उत्पादों को “Best” या “Top Plans” के रूप में प्रचारित किया, बिना किसी निष्पक्ष मूल्यांकन मानदंड या तुलनात्मक उपकरण के। इससे उपभोक्ताओं को यह भ्रम हो सकता था कि ये योजनाएं IRDAI द्वारा अनुमोदित हैं या अन्य विकल्पों से बेहतर हैं। “कुछ बीमा उत्पादों को ‘Best’ या ‘Top Plans’ बताकर कुछ कंपनियों और उनकी योजनाओं को प्राथमिकता और बढ़ावा दिया गया।”
नियमों के अनुसार, वेब एग्रीगेटर्स को बीमाधारकों से प्राप्त प्रीमियम राशि को तत्काल बीमा कंपनियों को ट्रांसफर करना चाहिए।
लेकिन Policybazaar ने कई मामलों में यह राशि 30 दिन से भी अधिक समय तक रोकी, जिससे उपभोक्ताओं को हुए जोखिम:
पॉलिसी जारी करने में देरी
बीमा कवर में अंतराल
दावे की स्थिति में सुरक्षा की कमी
Policybazaar ने जिन तृतीय-पक्ष एजेंसियों से सेवाएं लीं, उन्हें उच्च भुगतान किया, लेकिन उनके नियामक अनुपालन की निगरानी नहीं की गई।
लगभग 1 लाख टेलीमार्केटिंग-आधारित पॉलिसियों में उचित सत्यापन नहीं पाया गया।
कई कॉल रिकॉर्डिंग अधूरी या लापता थीं।
जांच के दौरान पाया गया कि Policybazaar की वेबसाइट पर:
सिर्फ 5 बीमा कंपनियों की ULIP योजनाएं प्रदर्शित थीं, जबकि अधिक कंपनियों से करार था।
23 में से सिर्फ 12 कंपनियों की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को “Top Plans” में दिखाया गया।
यह उपभोक्ताओं को पूर्ण विकल्पों से वंचित करता है और बाज़ार में पक्षपात को बढ़ावा देता है।
बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 102 के अंतर्गत कार्रवाई
नियामक द्वारा जारी निर्देश:
पालना सुधार के निर्देश
पारदर्शिता के लिए सलाह
भविष्य में उल्लंघन से सावधान रहने की चेतावनी
पारदर्शिता अनिवार्य है — सभी विकल्प निष्पक्ष और पूरी जानकारी के साथ दिखाना ज़रूरी
प्रीमियम राशि का शीघ्र ट्रांसफर बीमाधारकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक
आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में अनुपालन और निगरानी अनिवार्य
कई प्लेटफॉर्म पर तुलना करें
नीतियों की जानकारी बीमा कंपनियों से सीधे प्राप्त करें
“Best” या “Top” जैसे प्रचारक शब्दों से सावधान रहें — ये अक्सर मार्केटिंग रणनीति होती हैं, न कि प्रमाणित गुणवत्ता
AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…
बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…
भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…
भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…
एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…