पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने अपने प्रबंध निदेशक और सीईओ गिरीश कौसगी के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ प्रबंधन टीम में महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा की है। यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। सीईओ के इस्तीफे की घोषणा के बाद कंपनी के शेयर बीएसई पर 18% तक गिर गए, जिससे बाजार में चिंता की लहर दौड़ गई।
नेतृत्व नियुक्तियाँ
2 अगस्त से प्रभावी, कंपनी ने निम्नलिखित प्रमुख नियुक्तियाँ की हैं:
जतुल आनंद, जो पहले एक फंक्शन हेड के रूप में कार्यरत थे, को कार्यकारी निदेशक (Executive Director) नियुक्त किया गया है। वे प्राइम और इमर्जिंग बिजनेस की निगरानी करेंगे, जिसमें बिक्री, क्रेडिट, उत्पाद और कलेक्शन शामिल हैं।
वल्ली शेखर को चीफ बिजनेस ऑफिसर – अफोर्डेबल बिजनेस के रूप में नियुक्त किया गया है। वे किफायती आवास क्षेत्र का नेतृत्व करेंगी, जिसमें वही संचालन क्षेत्र (बिक्री, क्रेडिट, उत्पाद और कलेक्शन) शामिल होंगे।
इन नियुक्तियों का उद्देश्य संक्रमणकाल के दौरान कंपनी की रणनीतिक प्राथमिकताओं को बनाए रखना और नेतृत्व में निरंतरता सुनिश्चित करना है।
गिरीश कौसगी का इस्तीफा
गिरीश कौसगी, जिन्होंने कंपनी की नींव को मजबूत करने में एक अहम भूमिका निभाई थी, ने संगठन के बाहर नए अवसरों की तलाश के लिए इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 28 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा—जो कि उनके कार्यकाल की निर्धारित समाप्ति से एक वर्ष पहले है। हालांकि वे कंपनी छोड़ रहे हैं, कौसगी बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ मिलकर संक्रमण को सहज और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करेंगे।
बाज़ार और निवेशकों पर प्रभाव
कौसगी के अचानक इस्तीफे की घोषणा ने बाजार में तत्काल प्रतिक्रिया उत्पन्न की, जिससे बीएसई पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में 18% की गिरावट आई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, कंपनी ने एक बयान जारी कर निवेशकों को आश्वस्त किया कि वह मजबूत विकास, परिसंपत्ति गुणवत्ता और ठोस मार्जिन को लेकर प्रतिबद्ध है।
पिछली वरिष्ठ स्तर की विदाइयाँ
कौसगी के इस्तीफे से पहले भी कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी छोड़ी है:
दिलिप वैतीश्वरन, मुख्य बिक्री अधिकारी (Chief Sales Officer), जुलाई 2025 में
अनुजै सक्सेना, किफायती व्यवसाय प्रमुख (Business Head for Affordable Business), जुलाई 2025 में
इन लगातार इस्तीफों ने कंपनी में नेतृत्व से जुड़ी चुनौतियों को उजागर किया है।
भविष्य की योजनाएँ
कंपनी का बोर्ड अब ऐसे पेशेवर की तलाश में है जो सिद्ध नेतृत्व क्षमता और उद्योग में व्यापक अनुभव रखता हो, ताकि एमडी और सीईओ की भूमिका को संभाल सके। इस बीच, नए नियुक्त नेता गिरीश कौसगी के कार्यकाल के दौरान बनी मजबूत नींव का लाभ उठाते हुए कंपनी की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]भारत की कर संग्रहण स्थिति 2026 की शुरुआत में मजबूत बनी हुई है। जनवरी 2026…
एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ( Air Marshal Inderpal Singh Walia ) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…
केंद्र और राज्यों के बीच धन के बंटवारे ने एक नए चरण में प्रवेश कर…
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में गुजरात ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 31 दिसंबर…
World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…
रूमेटॉइड आर्थराइटिस को अक्सर केवल जोड़ों के दर्द के रूप में समझ लिया जाता है,…