मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति और प्रथम महिला को भारतीय परंपराओं को दर्शाने वाले उपहार दिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को दर्शाने वाले विशेष उपहार भेंट किए। ये उपहार भारत की पारंपरिक शिल्पकला, ऐतिहासिक धरोहर और कलात्मक विविधता को उजागर करने के लिए चुने गए थे।

राष्ट्रपति मैक्रों के लिए डोकरा कला – जनजातीय हस्तकला का प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को विशेष रूप से निर्मित डोकरा कलाकृति भेंट की। यह अद्वितीय धातु शिल्प पारंपरिक भारतीय लोक संस्कृति की झलक पेश करता है, जिसमें संगीतकारों को गतिशील मुद्राओं में दर्शाया गया है।

डोकरा कला क्या है?

  • डोकरा कला 4,000 साल पुरानी धातु ढलाई तकनीक है।
  • यह छत्तीसगढ़ से उत्पन्न हुई है और इसे ‘लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग’ तकनीक से बनाया जाता है।
  • इस कला में आमतौर पर संगीतकारों, नर्तकों, पशुओं और देवताओं को दर्शाया जाता है।
  • इसे मोम, मिट्टी और पिघली हुई धातु से तैयार किया जाता है, जिससे सूक्ष्म और जटिल डिज़ाइन उभरते हैं।
  • डोकरा कलाकृति भारतीय जनजातीय विरासत को सम्मान देती है और पारंपरिक संगीत की अहमियत को दर्शाती है।

प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों के लिए चांदी की नक्काशीदार शीशा – शाही सुंदरता का प्रतीक

फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों को राजस्थान में निर्मित हाथ से उकेरा गया चांदी का टेबल मिरर उपहार में दिया गया।

इस दर्पण की विशेषताएँ:

  • दर्पण की चांदी की रूपरेखा पर सुंदर पुष्प और मोर की आकृतियाँ उकेरी गई हैं, जो सौंदर्य, प्रकृति और शांति का प्रतीक हैं।
  • मोर, जो भारत का राष्ट्रीय पक्षी है, प्रेम, आध्यात्मिक जागरूकता और शाही भव्यता को दर्शाता है।
  • यह दर्पण हाथ से तराशा गया है और चमकदार पॉलिश के साथ इसकी सुंदरता को निखारा गया है।
  • यह राजस्थान की पारंपरिक धातु कला का बेहतरीन उदाहरण है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के परिवार के लिए उपहार

पीएम मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के दो बेटों और बेटी के लिए भी विशेष उपहार प्रदान किए। हालांकि, इन उपहारों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई, लेकिन ये भी भारतीय संस्कृति और परंपरा को ध्यान में रखकर चुने गए थे।

भारत की कूटनीतिक उपहार परंपरा

अंतरराष्ट्रीय नेताओं को हस्तशिल्प उपहार देना भारत की कूटनीतिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक उपहार को उसकी कलात्मक विशेषताओं और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर चुना जाता है। इन उपहारों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की पारंपरिक शिल्पकला, जनजातीय और लोक कला को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया।

इन कलात्मक उपहारों ने भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत किया और वैश्विक संबंधों में भारतीय कला की महत्ता को स्थापित किया।

पहलू विवरण
क्यों चर्चा में? फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले पारंपरिक उपहार भेंट किए।
राष्ट्रपति मैक्रों के लिए उपहार संगीतकारों को दर्शाने वाली डोकरा कलाकृति, जिसमें जड़ित पत्थर का सुंदर कार्य किया गया है।
डोकरा कला क्या है? – 4,000 साल पुरानी प्राचीन धातु ढलाई तकनीक।
– छत्तीसगढ़ में उत्पन्न हुई।
– ‘लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग’ तकनीक से बनाई जाती है।
– इसमें संगीतकारों, नर्तकों, पशुओं और देवी-देवताओं की आकृतियाँ उकेरी जाती हैं।
– मोम, मिट्टी और पिघली हुई धातु से सूक्ष्म और जटिल डिज़ाइन तैयार की जाती है।
उपहार का महत्व यह कलाकृति भारत की जनजातीय विरासत, भारतीय संस्कृति में संगीत के महत्व और उत्कृष्ट शिल्प कौशल को दर्शाती है।
प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों के लिए उपहार राजस्थान की पारंपरिक धातु कला से निर्मित हाथ से नक्काशीदार चांदी का टेबल मिरर, जिसमें पुष्प और मोर की आकृतियाँ उकेरी गई हैं।
प्रतीकात्मकता और शिल्पकला – पुष्प और मोर की आकृतियाँ सुंदरता, प्रकृति और सौम्यता का प्रतीक हैं।
– मोर (भारत का राष्ट्रीय पक्षी) शाही गरिमा और प्रेम का प्रतीक है।
– हस्तनिर्मित और चमकदार पॉलिश की गई उत्कृष्ट कलाकृति।
– राजस्थान की धातु नक्काशी कला की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के परिवार के लिए उपहार पीएम मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के दो बेटों और एक बेटी के लिए भी विशेष उपहार भेंट किए, लेकिन उनके बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
भारत की कूटनीतिक उपहार परंपरा – हस्तशिल्प उपहार भारत की वैश्विक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
– भारतीय शिल्प और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देते हैं।
– कलात्मक आदान-प्रदान के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सुदृढ़ करते हैं।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

इटली ने गोवा के उद्योगपति श्रीनिवास डेम्पो को प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया

इटली ने अपनी सर्वोच्च नागरिक उपाधियों में से एक “कैवेलियरे डेल’ऑर्डिने देला स्तेला द’इटालिया” गोवा…

15 mins ago

मेघालय को पहली महिला मुख्य न्यायाधीश मिलीं

पूर्वोत्तर भारत की न्यायपालिका के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। मेघालय ने अपनी पहली…

22 mins ago

किस पहाड़ को एशिया की शानदार चोटी के नाम से जाना जाता है?

एशिया एक विशाल महाद्वीप है, जो अपनी ऊँची पर्वत श्रृंखलाओं, गहरी घाटियों और अद्भुत प्राकृतिक…

59 mins ago

विराट कोहली इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने

भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। न्यूज़ीलैंड के…

1 hour ago

APEDA ने छत्तीसगढ़ के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए रायपुर में रीजनल ऑफिस खोला

भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ से कृषि निर्यात को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण…

1 hour ago

DRDO ने टॉप-अटैक क्षमता वाली स्वदेशी MPATGM का सफल परीक्षण किया

भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं…

2 hours ago