प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जुलाई 2025 को बिहार के मोतिहारी में एक सार्वजनिक रैली के दौरान नई रोजगार प्रोत्साहन योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और युवाओं को औपचारिक रोजगार क्षेत्र से जोड़ना है।
पृष्ठभूमि
यह घोषणा प्रधानमंत्री की पूर्वी चंपारण (East Champaran) यात्रा के दौरान हुई, जहाँ उन्होंने ₹7,200 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर चार ‘अमृत भारत’ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया गया, जो देश के अवसंरचना और रोजगार को विकास के दो प्रमुख इंजन के रूप में रेखांकित करता है। यह पहल युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें भारत के आर्थिक विकास में भागीदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य निजी क्षेत्र में युवाओं को रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिसके तहत प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह पहल सरकार की “आत्मनिर्भर और विकसित बिहार” की व्यापक दृष्टि के अनुरूप है, जिसमें राज्य के भीतर ही अवसर सृजित कर युवाओं को सशक्त बनाया जाएगा।
मुख्य विशेषताएँ
₹15,000 की प्रोत्साहन राशि उन युवाओं को दी जाएगी जो पहली बार निजी क्षेत्र में नौकरी शुरू करेंगे।
योजना 1 अगस्त 2025 से लागू की जाएगी।
इसके लिए ₹1 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिससे इसका व्यापक दायरा और सुनियोजित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
यह योजना पहली बार रोजगार पाने वालों को लक्षित करती है ताकि प्रवासन को रोका जा सके और स्थानीय रोजगार में वृद्धि हो सके।
महत्व
यह योजना पूर्वी भारत विशेषकर बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ बेरोजगारी और बाहरी प्रवासन लंबे समय से बड़ी चुनौती रहे हैं। इस पहल से निजी क्षेत्र में औपचारिक रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, सरकारी नौकरियों पर निर्भरता घटेगी, और युवाओं को राज्य में ही बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके माध्यम से बिहार के युवाओं को सशक्त बनाकर राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा दी जाएगी।
चीन ने हाल ही में लौदी (Loudi) नामक एक नए उन्नत युद्धपोत को नौसेना में…
भारत की बैंकिंग प्रणाली में लगातार मजबूती के संकेत दिख रहे हैं, जहां अधिकांश उधारकर्ता…
कर्नाटक के वन्यजीवों ने एक बार फिर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया…
भारतीय वैज्ञानिकों ने 3D-प्रिंटिंग तकनीक से ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) विकसित कर एक बड़ी तकनीकी…
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) ने 1 जनवरी 2026 को अपने कार्यान्वयन के 9 वर्ष…
हिमालय विश्व की कुछ सबसे ऊँची चोटियों और विशाल हिमनदों (ग्लेशियरों) का घर है। ये…