राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल, PM मोदी साल भर चलने वाले समारोह की करेंगे शुरुआत

भारत का राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” केवल एक रचना नहीं, बल्कि देशभक्ति, गर्व और एकता का प्रतीक है। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और आज भी मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को जागृत करता है।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष: ऐतिहासिक उत्सव

वर्ष 2025 में भारत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूरे करेगा — यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है जो इस गीत की अमर विरासत और भारत की राष्ट्रीय अस्मिता से उसके गहरे भावनात्मक संबंध का उत्सव मनाता है।

उद्घाटन समारोह के विवरण

तिथि: 7 नवम्बर 2025
स्थान: इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली
आयोजक: संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
मुख्य अतिथि: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

यह भव्य उद्घाटन समारोह 7 नवम्बर 2025 से 7 नवम्बर 2026 तक चलने वाले वर्षभर के राष्ट्रव्यापी उत्सव का शुभारंभ करेगा, जिसमें “वंदे मातरम्” के सशक्त संदेश और संगीत-परंपरा का सम्मान किया जाएगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • “वंदे मातरम्” की रचना 7 नवम्बर 1875 को अक्षय नवमी के दिन बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी।

  • यह पहली बार बांग्ला साहित्यिक पत्रिका “बंगदर्शन” में उनके प्रसिद्ध उपन्यास “आनंदमठ” के हिस्से के रूप में प्रकाशित हुआ और 1882 में पुस्तक रूप में आया।

  • ब्रिटिश शासन के दौर में यह गीत भारत के जागरण, शक्ति और स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक बना।

  • गीत में भारत माता को देवी स्वरूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया।

  • 24 जनवरी 1950 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की कि “वंदे मातरम्”, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, को राष्ट्रीय गान “जन गण मन” के समान सम्मान दिया जाएगा।

उत्सव की मुख्य झलकियाँ

  • 7 नवम्बर 2025, सुबह 10:00 बजे देशभर में “वंदे मातरम्” का सामूहिक गान किया जाएगा।

  • विद्यार्थी, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, पुलिसकर्मी, डॉक्टर और आम नागरिक — सभी इस राष्ट्रभक्ति आयोजन में भाग लेंगे।

उद्घाटन समारोह के प्रमुख आकर्षण

  • भारत की पारंपरिक कला और संगीत को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम

  • “वंदे मातरम्” के 150 वर्षों की यात्रा पर आधारित विशेष प्रदर्शनी

  • विश्व प्रसिद्ध वायलिन वादक डॉ. मैसूर मंजीनाथ के नेतृत्व में 75 कलाकारों द्वारा लाइव संगीत प्रस्तुति — “वंदे मातरम्: नाद एकम्, रूपम् अनेकम्”

  • “वंदे मातरम्” पर आधारित लघु वृत्तचित्र (डॉक्युमेंट्री) का प्रदर्शन।

  • इस अवसर पर स्मारक डाक टिकट और सिक्के का विमोचन

  • प्रधानमंत्री का विशेष संबोधन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के वक्तव्य।

  • कार्यक्रम का समापन देशव्यापी सामूहिक “वंदे मातरम्” गान से होगा।

देशव्यापी सहभागिता

  • सभी राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, मंत्रालय और सरकारी विभाग अपने-अपने कार्यालय परिसरों में सुबह 10 बजे एक साथ गीत का सामूहिक गान करेंगे।

  • प्रधानमंत्री का संबोधन देशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों और संस्थानों में सीधा प्रसारित होगा।

  • इस समवेत आयोजन का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना से जोड़ना है।

डिजिटल अभियान और जनसहभागिता

इस आयोजन को अधिक समावेशी बनाने हेतु संस्कृति मंत्रालय ने एक विशेष वेबसाइट — www.vandemataram150.in — प्रारंभ की है।

इस वेबसाइट पर उपलब्ध हैं:

  • आधिकारिक पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री

  • गीत के ऑडियो और पूरे बोल सामूहिक गायन के लिए।

  • विशेष फीचर — “Karaoke with Vande Mataram”, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी आवाज़ में गीत रिकॉर्ड कर अपलोड कर सकते हैं।

  • लघु फिल्में और प्रदर्शनी, जो गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती हैं।

विद्यालयों के छात्र, युवा, पेशेवर और नागरिक — सभी को इस अभियान में भाग लेने और मातृभूमि के प्रति प्रेम व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

150वीं वर्षगाँठ का महत्व

यह आयोजन केवल एक गीत का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय एकता, विविधता और देशभक्ति की भावना का श्रद्धांजलि समारोह है।
“वंदे मातरम्” ने पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा, साहस और समर्पण की प्रेरणा दी है।

इस ऐतिहासिक रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर, भारत उस गीत की भावना को नमन कर रहा है जो आज भी स्वतंत्रता, सम्मान और राष्ट्रीय गौरव के आदर्शों को जीवित रखता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

भारत ने अपना पहला AI-पावर्ड यूनिवर्सिटी कहाँ और क्यों लॉन्च किया है?

भारत ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से उच्च शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक…

3 hours ago

प्रज्ञा-AIX क्या है और यह ONGC के संचालन को कैसे बदलेगा?

भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा अन्वेषण कंपनी ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन) ने अपने…

3 hours ago

असम की मुख्यमंत्री एति कोली दुति पात योजना क्या है?

असम राज्य ने अपने चाय बागान समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम उठाते हुए…

3 hours ago

उत्तराखंड को एविएशन प्रमोशन के लिए बेस्ट स्टेट अवॉर्ड क्यों मिला?

उत्तराखंड, जो अपनी पहाड़ियों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, ने नागरिक…

4 hours ago

EU ने ईरान के IRGC को आतंकवादी ग्रुप क्यों घोषित किया है?

एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील निर्णय में यूरोपीय संघ (EU) ने औपचारिक…

6 hours ago

भारत 10 साल बाद अरब देशों के विदेश मंत्रियों से क्यों मिल रहा है?

भारत एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक आयोजन की मेज़बानी करने जा रहा है, जो अरब दुनिया के…

6 hours ago