भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के हांसलपुर में कई हरित गतिशीलता (ग्रीन मोबिलिटी) पहलों का उद्घाटन किया। यह अवसर देश के सतत परिवहन की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हुआ। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रही मारुति सुज़ुकी की “ई-विटारा (e VITARA)” का शुभारंभ — यह एक भारत में निर्मित बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) है जिसे 100 से अधिक देशों में निर्यात किया जाएगा। इसके साथ ही घरेलू हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड निर्माण की भी शुरुआत की गई।
ई-विटारा का शुभारंभ : मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड
मारुति सुज़ुकी द्वारा विकसित यह ई-विटारा न केवल तकनीकी नवाचार का प्रतीक है, बल्कि भारत की निर्माण क्षमता (मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रेंथ) का भी ऐलान है। यह इलेक्ट्रिक वाहन यूरोप और जापान सहित वैश्विक बाज़ारों के लिए बनाया गया है। यह पहल भारत को विद्युत वाहनों के निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करेगी और “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” के संदेश को मज़बूत करेगी।
लॉन्च के साथ ही गुजरात स्थित TDS लिथियम-आयन बैटरी प्लांट (टोशिबा, डेंसो और सुज़ुकी का संयुक्त उपक्रम) में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड का घरेलू उत्पादन भी शुरू हुआ।
इससे आयात पर निर्भरता घटेगी
बैटरी मूल्य का 80% से अधिक हिस्सा भारत में ही निर्मित होगा
स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर भारत की नींव और मजबूत होगी
नीतिगत समर्थन और अवसंरचना विस्तार
प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते एक दशक में भारत ने निर्माण क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए—
उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना
औद्योगिक कॉरिडोर
लॉजिस्टिक्स पार्क
जैसी पहलें लागू की हैं।
सेमीकंडक्टर और खनिज रणनीति
भारत अब छह सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने जा रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन की घोषणा की, जिसके तहत 1,200 खनिज अन्वेषण अभियानों को अंजाम दिया जाएगा। इसमें दुर्लभ पृथ्वी तत्व जैसे संसाधनों पर ध्यान दिया जाएगा, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
मारुति से आधुनिक उद्योग तक
प्रधानमंत्री ने कहा कि जापान का भारत पर विश्वास और दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता ही मारुति सुज़ुकी जैसे दीर्घकालिक उपक्रमों की सफलता का आधार है। Vibrant Gujarat Summit से शुरू हुई यह साझेदारी अब बैटरी तकनीक और सेमीकंडक्टर जैसे उन्नत क्षेत्रों तक पहुँच चुकी है।
जन-से-जन और प्रतिभा आदान-प्रदान
भारत जापान के साथ जन-स्तर पर संबंधों को भी मज़बूत कर रहा है। इसके लिए—
भाषा शिक्षा
युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम
कौशल साझा पहलें
प्रोत्साहित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने मारुति सुज़ुकी जैसी कंपनियों को इन संबंधों को और गहरा करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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