पूर्वोत्तर में क्षेत्रीय विकास और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर 2025 को अरुणाचल प्रदेश में 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवसंरचना परियोजनाओं का शुभारंभ किया। ईटानगर स्थित इंदिरा गांधी पार्क से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने दोहराया कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर को संपर्क, ऊर्जा और आर्थिक परिवर्तन का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन परियोजनाओं में प्रमुख जलविद्युत उपक्रम, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य और अग्निशमन सुरक्षा सुविधाओं का उन्नयन तथा तवांग में एक कन्वेंशन सेंटर शामिल है। इससे अरुणाचल प्रदेश भारत की विकास यात्रा, खासकर स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में, अहम भूमिका निभाएगा।
1. शि योमी जिले में जलविद्युत विकास
प्रधानमंत्री मोदी ने शि योमी जिले में दो बड़े जलविद्युत परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
इनसे राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
हज़ारों रोजगार अवसर पैदा होंगे।
भारत के 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-पारंपरिक ऊर्जा लक्ष्य को समर्थन मिलेगा।
जलविद्युत क्षमता से भरपूर अरुणाचल प्रदेश, भारत की स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में मुख्य भागीदार बनेगा।
2. बहु-क्षेत्रीय अवसंरचना (₹1,290 करोड़)
सड़क संपर्क: दूरस्थ जिलों और सीमा क्षेत्रों से कनेक्टिविटी में सुधार।
स्वास्थ्य सेवाएँ: पिछड़े क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करना।
अग्नि सुरक्षा परियोजनाएँ: आधुनिक दमकल और आपदा प्रतिक्रिया इकाइयाँ स्थापित करना।
तवांग कन्वेंशन सेंटर: पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय आयोजनों को प्रोत्साहन।
प्रधानमंत्री मोदी ने 22 सितंबर 2025 को अरुणाचल प्रदेश में ₹5,100 करोड़ की परियोजनाएँ लॉन्च कीं।
जलविद्युत, सड़क, स्वास्थ्य, अग्नि सुरक्षा और तवांग कन्वेंशन सेंटर शामिल।
भारत के 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य से मेल।
अगली पीढ़ी का जीएसटी सुधार: कर स्लैब घटाकर केवल 5% और 18% कर दरे, जिससे घरेलू खर्च आसान होंगे।
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