PM मोदी ने पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, ₹36,000 करोड़ की बिहार परियोजनाएं शुरू कीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के पूर्णिया हवाई अड्डे के अस्थायी टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया और लगभग ₹36,000 करोड़ की कई आधारभूत संरचना एवं विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। ये परियोजनाएँ ऊर्जा, परिवहन, कृषि और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों को कवर करती हैं, विशेषकर बिहार के सीमांचल क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए।

पीएम ने इन परियोजनाओं को पूर्वी भारत को आर्थिक और आधारभूत गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।

प्रमुख परियोजनाएँ

1. पूर्णिया हवाई अड्डा

  • अस्थायी टर्मिनल भवन का उद्घाटन।

  • पूर्णिया–कोलकाता हवाई मार्ग पर पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई।

  • सीमांचल की हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा।

2. ₹25,000 करोड़ की ताप विद्युत परियोजना

  • भागलपुर ज़िले के पीरपैंती में 3 × 800 मेगावाट की थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास।

  • अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित, कम उत्सर्जन मानकों के साथ बिहार की ऊर्जा क्षमता में वृद्धि।

3. कोसी–मेची नदी जोड़ परियोजना

  • लगभग ₹2,680 करोड़ की लागत से प्रथम चरण की शुरुआत।

  • उत्तर बिहार में सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और कृषि उत्पादकता में सुधार।

4. रेल कनेक्टिविटी पहल

  • बिक्रमशिला–कटारिया गंगा ब्रिज रेल लाइन (₹2,170 करोड़)।

  • अररिया–गलगलिया नई रेल लाइन (₹4,410 करोड़)।

  • गंगा पार और उत्तर-पूर्वी जिलों तक बेहतर आवागमन की सुविधा।

5. राष्ट्रीय मखाना बोर्ड

  • बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा।

  • लगभग ₹475 करोड़ की विकास योजना शुरू।

  • प्रशिक्षण, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग सहायता से मखाना किसानों को लाभ।

  • बिहार देश के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 90% योगदान देता है।

बिहार के लिए व्यापक महत्व

  • हवाई अड्डा और रेलवे परियोजनाएँ आंतरिक और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।

  • ताप विद्युत संयंत्र से बिजली की बढ़ती मांग पूरी होगी और बिजली कटौती में कमी आएगी।

  • मखाना की खेती को राष्ट्रीय पहचान और किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी।

  • सीमांचल जैसे पिछड़े क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में लाने की नई प्राथमिकता।

प्रमुख तथ्य (परीक्षा हेतु)

  • स्थान: पूर्णिया, बिहार

  • घोषणाएँ:

    • पूर्णिया हवाई अड्डे का अस्थायी टर्मिनल

    • ₹25,000 करोड़ थर्मल पावर प्लांट (भागलपुर)

    • ₹2,680 करोड़ कोसी–मेची नदी लिंक

    • ₹6,500 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाएँ

    • राष्ट्रीय मखाना बोर्ड एवं ₹475 करोड़ विकास योजना

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

AI की नई छलांग: Microsoft का MAI-Transcribe-1 तेज, सटीक और किफायती

AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…

2 days ago

आउटर स्पेस ट्रीटी 1967 क्या है? सिद्धांत, सदस्य और महत्व

बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…

2 days ago

भारतीय नौसेना INS अरिदमन: विशेषताएँ, भूमिका और रणनीतिक महत्व की व्याख्या

भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…

2 days ago

Raja Ravi Varma की पेंटिंग ने रचा इतिहास, बनी भारत की सबसे महंगी कलाकृति

भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…

2 days ago

भारत डोपिंग मामलों में सबसे ऊपर, एआईयू की सूची में केन्या को पीछे छोड़ा

एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…

2 days ago

पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का समापन: कर्नाटक विजयी रहा

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…

2 days ago