पीएम मोदी ने हरित हाइड्रोजन पर दूसरेअंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 सितंबर 2024 को हरित हाइड्रोजन पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का वस्तुतः उद्घाटन किया। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, प्रल्हाद वेंकटेश जोशी, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। हरित हाइड्रोजन पर तीन दिवसीय दूसरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 11-13 सितंबर 2024 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है।

उद्देश्य

सम्मेलन का लक्ष्य भारत को वैश्विक हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र में एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित करना है।

तीन दिवसीय सम्मेलन

तीन दिवसीय सम्मेलन में संपूर्ण हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में प्रौद्योगिकियों में हुए हालिया प्रगति पर चर्चा की जाएगी। यह फोरम देश में हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों को अपनाने में तेजी लाने के लिए आवश्यक रणनीतिक निवेश और साझेदारी पर चर्चा करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला के हितधारकों को एक मंच प्रदान करेगा।

हरित हाइड्रोजन पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

हरित हाइड्रोजन पर दूसरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा आयोजित किया गया है । केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग सहयोगी भागीदार हैं। गुजरात सरकार सम्मेलन का राज्य भागीदार है। भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई ) कार्यान्वयन भागीदार है,ईवाई (EY) ज्ञान भागीदार है और फिक्की (FICCI) उद्योग भागीदार है।

हरित हाइड्रोजन और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के बारे में

पानी में बिजली प्रवाहित कर उसे हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में तोड़ा जाता है। यहाँ पर अक्षय ऊर्जा स्रोत जैसे सूर्य, हवा, जल विद्युत आदि द्वारा उत्पादित बिजली का उपयोग किया जाता है। इस तरह से उपत्पादित हाइड्रोजन को हरित हाइड्रोजन कहा जाता है। हरित हाइड्रोजन का उपयोग ईंधन सेल के उत्पादन के लिए किया जाता है जिससे परिवाहन के लिए इस्तेमाल होने वाले गाड़ियों जैसे कार,बस, ट्रक,ट्रेन आदि में किया जाता है। हाइड्रोजन से चलने वाली गाडियाँ जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल,डीजल,गैस) से चलने वाले गाड़ियों की तुलना में लगभग नगण्य प्रदूषण पैदा करते हैं।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago