प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में लगभग 10,000 करोड़ रुपये की लागत से 12 नए टर्मिनल भवनों सहित 15 हवाई अड्डा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस आयोजन को सबसे बड़ा इंफ्रा एडिशन के रूप में चिह्नित किया गया है, जिसमें नए हवाई अड्डों, विस्तारित टर्मिनलों, आगामी हवाई अड्डों और अन्य संबंधित सुविधाओं के लिए आधारशिला रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई इस परियोजना में पुणे, कोल्हापुर, ग्वालियर, जबलपुर, दिल्ली, लखनऊ, अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद, श्रावस्ती और आदमपुर हवाई अड्डों के 12 नए टर्मिनल भवन शामिल हैं। साथ ही, रविवार को कडप्पा, हुबली और बेलगावी हवाई अड्डों के नए टर्मिनल भवनों के लिए आधारशिला रखी गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अब तक, वित्त वर्ष 2023-24 में, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने चेन्नई, पोर्ट ब्लेयर, सूरत और तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डों पर अत्याधुनिक नए एकीकृत टर्मिनल भवनों का संचालन किया है। साथ ही, कानपुर हवाई अड्डा, राजकोट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, तेजू हवाई अड्डा और महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम में नए टर्मिनल भवनों का भी उद्घाटन किया गया।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य यात्री सुविधाओं को बढ़ाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, भविष्य में मांगों को पूरा करने के लिए दतिया, उदयपुर, जोधपुर और राजमुंदरी में नए टर्मिनल भवनों की आधारशिला भी रखी गई। 12 नए टर्मिनल भवनों को 8,903 करोड़ रुपये की कुल लागत से विकसित किया जा रहा है, जिसमें सालाना 615 लाख यात्रियों की सेवा करने की संयुक्त क्षमता है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, ये टर्मिनल भवन चेक-इन काउंटर, एयरोब्रिज, बैगेज कन्वेयर और पर्याप्त रियायत क्षेत्र जैसी विभिन्न यात्री सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने 908 करोड़ रुपए की कुल लागत से कड़प्पा, हुबली तथा बेलगावी हवाईअड्डों पर तीन नए टमनल भवनों के विकास का कार्य भी लिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, विकास कार्य के बाद इन हवाई अड्डों की संयुक्त यात्री हैंडलिंग क्षमता प्रति वर्ष 95 लाख यात्रियों तक बढ़ जाएगी। ये नए टर्मिनल भवन गृह रेटिंग को पूरा करने के लिए डबल इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम, ऊर्जा बचत के लिए कैनोपियों के प्रावधान, एलईडी लाइटिंग, लो हीट गेन डबल ग्लेजिंग यूनिट, सौर ऊर्जा संयंत्र आदि जैसी विभिन्न स्थायित्व सुविधाओं से भी लैस हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इन हवाई अड्डों के डिजाइन उस राज्य और शहर की विरासत संरचनाओं की झलक को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए हैं। इस प्रकार स्थानीय संस्कृति को दर्शाते हैं और क्षेत्र की विरासत को उजागर करते हैं। उपर्युक्त सभी हवाई अड्डों के भित्ति चित्र, पेंटिंग और स्थापत्य शैली में यात्रियों के यात्रा अनुभवों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लगाए गए हैं।
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