Categories: Miscellaneous

पीएम मोदी ने लॉन्च की गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वंदे भारत एक्सप्रेस गुजरात और महाराष्ट्र की राजधानियों के बीच चलेगी। नई जनरेशन की वंदे भारत एक्सप्रेस तकनीकों से लैस है। गांधीनगर-मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में Train Collision Avoidance System लगाया गया है। इस नए सिस्टम की मदद से दुर्घटनाओं को कम किया जाएगा। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे राज्यमंत्री दर्शना जरदोष भी उपस्थित रहे।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

मुख्य बिंदु

 

  • वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल 1,128 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। बता दें कि पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली-वाराणसी मार्ग पर चली थी।
  • वहीं, दूसरी ट्रेन नई दिल्ली से श्री वैष्णो देवी माता, कटरा रूट पर चलाई गई थी। तीसरी वंदे भारत ट्रेन पहले की वंदे भारत ट्रेनों से अलग होगी।
  • इस नई ट्रेन में यात्री सुविधाओं को देखते हुए कई तरह के परिवर्तन किए गए हैं। नई ट्रेन में कोविड को लेकर भी खास इंतजाम किए गए हैं।
  • गुजरात में चलने वाली इस वंदे भारत ट्रेन में पहली बार KAVACH तकनीक को लॉन्च किया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से दो ट्रेनों की आमने-सामने से होने वाली टक्कर जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। इस तकनीक को देश में ही विकसित किया गया है जिसके कारण इसकी लागत काफी कम है।

 

खास है वंदे भारत ट्रेन

  • स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड के नाम से प्रसिद्ध यह ट्रेन 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति मात्र 52 सेकंड में प्राप्त कर लेती है। इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधाओं के लिए स्लाइडिंग फुटस्टेप्स के साथ-साथ टच फ्री स्लाइडिंग डोर के साथ स्वचालित प्लग दरवाजे भी लगे हुए हैं।
  • एसी की मॉनिटरिंग के लिए कोच कंट्रोल मैनेजमेंट सिस्टम, और कंट्रोल सेन्टर व मेन्टेनेन्स स्टाफ के साथ कम्युनिकेशन एवं फीडबैक के लिए GSM/GPRS जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
  • दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष शौचालय, और सामान्य यात्रियों के लिए टच-फ्री एमिनिटीस वाले बायो वैक्यूम टॉयलेट्स की व्यवस्था की गई है।
  • इसी प्रकार, दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए सीटों में ब्रेल लिपि के साथ सीट संख्या उकेरी गई है ताकि ऐसे यात्री अपनी सीटों तक आसानी से पहुंच सकें।

Find More Miscellaneous News Here

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

अंतरराष्ट्रीय ज़ेबरा दिवस के पीछे असली कहानी क्या है?

अंतरराष्ट्रीय ज़ेबरा दिवस हर वर्ष 31 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पृथ्वी के…

10 mins ago

सुप्रीम कोर्ट ने मासिक धर्म स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार क्यों घोषित किया है?

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मासिक धर्म स्वास्थ्य (Menstrual Health) को अनुच्छेद 21 के तहत…

3 hours ago

वर्ल्ड बैंक ने भारत को सालाना 8-10 बिलियन अमेरिकी डॉलर देने का वादा क्यों किया है?

विश्व बैंक समूह (World Bank Group) ने अगले पाँच वर्षों तक हर वर्ष 8–10 अरब…

3 hours ago

भारतीय रेलवे ने एक दिन में कवच 4.0 सेफ्टी का सबसे बड़ा माइलस्टोन कैसे हासिल किया?

भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए कवच…

4 hours ago

भारत ने अपना पहला AI-पावर्ड यूनिवर्सिटी कहाँ और क्यों लॉन्च किया है?

भारत ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से उच्च शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक…

19 hours ago

प्रज्ञा-AIX क्या है और यह ONGC के संचालन को कैसे बदलेगा?

भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा अन्वेषण कंपनी ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन) ने अपने…

19 hours ago