Categories: Uncategorized

पीएम मोदी ने नई शिक्षा नीति 2020 पर राष्ट्र को किया संबोधित

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त को नई शिक्षा नीति 2020 पर राष्ट्र को संबोधित किया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित पीएम का संबोधन “राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में किए जाने वाले परिवर्तनकारी सुधारों” पर शुरू हुआ।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 29 जुलाई को मंजूरी दी थी, जिसने 1986 की 34 साल पुरानी राष्ट्रीय नीति की जगह ली है और जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक ज्ञान में महाशक्ति बनाने के लिए स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणालियों में परिवर्तनकारी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करना है।
प्रधान मंत्री के भाषण के मुख्य बिंदु और अपडेट:
  • राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन शिक्षा प्रणाली में प्रौद्योगिकी को शामिल करने के लिए वैज्ञानिक कदमों को सक्षम बनाने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम (NETF) के साथ मिलकर काम करेगा।
  • भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक के. कस्तूरी रंगन, ने नई शिक्षा नीति 2020 का मसौदा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 3-4 वर्षों में व्यापक विचार-विमर्श और लाखों सुझावों पर विचार-विमर्श करने के बाद मंजूरी दी गई है.
  • नई शिक्षा नीति 21 वीं सदी के भारत को मजबूत करने की नींव है। प्रत्येक छात्र भविष्य के लिए तैयार होगा और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देगा।
  • भारत में शिक्षा में सुधार के लिए समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता थी और एनईपी सफलतापूर्वक इस दिशा में काम कर रहा है।
  • बहु-विषयक पाठ्यक्रम, बहु प्रवेश और निकास विकल्प छात्रों को इस बात का चयन करने में सक्षम बनाएगा कि वे क्या अध्ययन करना चाहते हैं और कितना अध्ययन करना चाहते हैं। साथ ही, छात्र जब चाहें कोर्स छोड़ सकते हैं।
  • छात्रों को पुनः कौशल प्राप्त और अपडेट कर सकते हैं। एनईपी छात्र को उस कौशल को सीखने में सक्षम बनाएगा, जिसमें उनकी रुचि होगी.
  • भारत में दुनिया को प्रतिभा और प्रौद्योगिकी प्रदान करने की क्षमता है। तकनीक ने हमें देश के अंतिम व्यक्ति तक भी पहुंचने का माध्यम प्रदान दिया है। प्रौद्योगिकी बेहतर सामग्री और पाठ्यक्रम में मदद करेगी।
  • नई शिक्षा नीति शिक्षा और अनुसंधान के बीच के अंतर को कम करने में मदद करेगी.
  • सरकार ने विभिन्न संस्थानों को स्वायत्त दर्जा देना शुरू कर दिया है। हम भविष्य में कई और संस्थानों को स्वायत्तता देंगे।
  • एनईपी शिक्षक और शिक्षक-प्रशिक्षण के उन्नयन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। जब कोई शिक्षक सीखता है, तो राष्ट्र का नेतृत्व करता है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]

Recent Posts

डिजिटल मैपिंग को बढ़ावा: सुजल गांव आईडी का शुभारंभ

जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत भारत के हर ग्रामीण…

12 mins ago

राष्ट्रपति भवन में ‘पर्पल फेस्ट’: दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों का उत्सव

पर्पल फेस्ट (Purple Fest) का विशेष आयोजन 13 मार्च 2026 को राष्ट्रपति भवन में किया…

1 hour ago

फिच ने भारत की FY26 जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.5% किया

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने वित्त वर्ष 2025–26 (FY26) के लिए…

2 hours ago

Pi Day 2026: 14 मार्च को पाई दिवस क्यों मनाया जाता है?

पाई दिवस (Pi Day) हर वर्ष 14 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन गणितीय…

3 hours ago

अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस 2026: तिथि, इतिहास, महत्व और संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव

इस्लामोफोबिया से मुकाबला करने का अंतरराष्ट्रीय दिवस हर वर्ष 15 मार्च को मनाया जाता है।…

3 hours ago

अमेरिका–दक्षिण कोरिया का बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ शुरू

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास फ्रीडम शील्ड (Freedom Shield) शुरू…

3 hours ago