पीएम गतिशक्ति: बुनियादी ढांचे में बदलाव के तीन साल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 13 अक्टूबर, 2021 को लॉन्च किया गया। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान भारत के बुनियादी ढांचे के परिदृश्य में तीन साल की परिवर्तनकारी उपलब्धियों का प्रतीक है। इस पहल ने 44 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों और 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डेटा को एकीकृत करके परियोजना निष्पादन में उल्लेखनीय सुधार किया है, जिससे रसद लागत में कमी आई है और सेवा वितरण में वृद्धि हुई है। अब तक, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और कुशल संसाधन आवंटन पर ध्यान केंद्रित करते हुए 200 से अधिक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मूल्यांकन किया जा चुका है।

सामाजिक क्षेत्र पर प्रभाव

पीएम गतिशक्ति पहल ने स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसी आवश्यक सेवाओं में कमियों की पहचान करते हुए सामाजिक क्षेत्र में भी अपना प्रभाव बढ़ाया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि वंचित क्षेत्रों को भी बुनियादी ढांचे के विकास से लाभ मिले। 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से प्रत्येक ने पूंजी निवेश को कारगर बनाने के लिए राष्ट्रीय ढांचे के साथ तालमेल बिठाते हुए राज्य मास्टर प्लान विकसित किए हैं।

लॉजिस्टिक्स में सुधार:
विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2018 में 44वें से बढ़कर 2023 में 38वें स्थान पर पहुंच गई है, जो बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता को दर्शाता है।

राज्य मास्टर योजनाएं:
सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने राष्ट्रीय ढांचे के अनुरूप अपनी राज्य मास्टर योजनाएं विकसित की हैं, जिससे निवेशों को सुगम बनाया जा सके।

क्षमता निर्माण:
20,000 से अधिक अधिकारियों को पीएम गतिशक्ति ढांचे पर कार्यशालाओं और पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है, ताकि परियोजना कार्यान्वयन की क्षमताएं बढ़ सकें।

भविष्य में डेटा तक पहुंच:
गैर-संवेदनशील डेटा को गैर-सरकारी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराने की योजनाएं, जिससे पारदर्शिता और सूचित योजना को बढ़ावा मिले।

स्थिरता लक्ष्य:
यह हरे बुनियादी ढांचे और सतत लॉजिस्टिक्स समाधानों को बढ़ावा देती है, जो भारत की 2070 तक के नेट ज़ीरो प्रतिबद्धता में योगदान करती है।

सामाजिक क्षेत्र पर प्रभाव

पीएम गतिशक्ति पहल ने सामाजिक क्षेत्र में भी अपना प्रभाव बढ़ाया है, जो स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी आवश्यक सेवाओं में कमी को पहचानती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि अविकसित क्षेत्रों को भी बुनियादी ढांचे के विकास का लाभ मिले।

भविष्य की दिशा

सरकार डेटा संचालित और सतत विकास पर जोर देते हुए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को भारत के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और भविष्य के बुनियादी ढांचे की वृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ मानती है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

UGC इक्विटी नियम 2026 के बारे में सर्वोच्च न्यायालय ने क्या फैसला सुनाया?

भारत के उच्च शिक्षा ढांचे को प्रभावित करने वाले एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप में, भारत के…

3 hours ago

दिसंबर 2025 में किस वजह से भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन दो साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा?

भारत के औद्योगिक क्षेत्र ने 2025 का समापन मजबूत प्रदर्शन के साथ किया। दिसंबर 2025…

3 hours ago

अल्फ़ाजीनोम क्या है और यह डीएनए म्यूटेशन की भविष्यवाणी कैसे करता है?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब विज्ञान के सबसे जटिल क्षेत्रों में से एक—मानव डीएनए—में प्रवेश कर चुकी…

3 hours ago

केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के किसानों के लिए अचानक विशेष पैनल क्यों गठित किया?

केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के किसानों को समर्थन देने के लिए एक नया कदम उठाते…

3 hours ago

क्या कर्नाटक का नया बोर्ड भारत में गिग श्रमिकों की सुरक्षा को नई दिशा दे सकता है?

कर्नाटक सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम…

3 hours ago

मध्य प्रदेश ने 2026 को कृषि वर्ष क्यों घोषित किया है?

ग्रामीण परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत संकेत देते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने…

4 hours ago