पीयूष गोयल ने औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली 3.0 का शुभारंभ किया

मेक इन इंडिया पहल के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 20 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में इंडस्ट्रियल पार्क रेटिंग सिस्टम (IPRS) 3.0 लॉन्च किया। इसे उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने एशियाई विकास बैंक (ADB) के सहयोग से विकसित किया है। यह तीसरा संस्करण भारत के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत बनाने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए उन्नत मानकों को पेश करता है।

IPRS 3.0 की प्रमुख विशेषताएँ

  • सततता और हरित अवसंरचना (Sustainability & Green Infrastructure): पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं पर ज़ोर।

  • लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी: आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता का आकलन।

  • डिजिटलीकरण: स्मार्ट अवसंरचना और डिजिटल टूल्स का उपयोग।

  • कौशल संबंध (Skill Linkages): औद्योगिक आवश्यकताओं और कार्यबल प्रशिक्षण का समन्वय।

  • किरायेदार प्रतिक्रिया (Tenant Feedback): औद्योगिक इकाइयों से रीयल-टाइम मूल्यांकन।

रेटिंग श्रेणियाँ

  1. लीडर्स (Leaders): विश्वस्तरीय अवसंरचना और प्रतिस्पर्धा क्षमता वाले पार्क।

  2. चैलेंजर्स (Challengers): मज़बूत प्रदर्शनकर्ता, विस्तार की संभावना के साथ।

  3. अस्पायरर्स (Aspirers): उभरते हुए पार्क जिनमें विकास की क्षमता है।

मेक इन इंडिया के लिए महत्व

  • निवेशक विश्वास: पारदर्शी रेटिंग और विश्वसनीय डेटा से वैश्विक निवेशकों को भरोसा।

  • स्वस्थ प्रतिस्पर्धा: राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को बेहतर अवसंरचना के लिए प्रोत्साहन।

  • रोज़गार सृजन: उन्नत पार्क = अधिक औद्योगिक इकाइयाँ और नए रोज़गार।

  • नीति मार्गदर्शन: सरकार को कमियाँ पहचानने और श्रेष्ठ प्रथाएँ अपनाने में मदद।

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा: भारत को सतत और समावेशी निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना।

NICDC प्रगति

  • 20 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क और स्मार्ट शहर विकसित हो रहे हैं।

  • इनमें से: 4 पूर्ण, 4 निर्माणाधीन, शेष बोली प्रक्रिया में।

परीक्षा हेतु स्थिर तथ्य

  • लॉन्च करने वाले: पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री

  • तिथि: 20 सितंबर 2025

  • अवसर: मेक इन इंडिया के 10 वर्ष

  • विकासकर्ता: DPIIT, ADB के सहयोग से

  • पायलट चरण: 2018

  • IPRS 2.0: 2021

  • IPRS 3.0 के पैरामीटर:

    • सततता और हरित अवसंरचना

    • लॉजिस्टिक्स व कनेक्टिविटी

    • डिजिटलीकरण

    • कौशल संबंध

    • किरायेदार प्रतिक्रिया

  • श्रेणियाँ: लीडर्स, चैलेंजर्स, अस्पायरर्स

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vikash

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