संसद ने महत्वपूर्ण खनिज उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु ऐतिहासिक खनिज एवं खनिज (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दी

संसद ने 19 अगस्त 2025 को खनिज एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025 पारित किया, जो एमएमडीआर अधिनियम, 1957 में एक महत्वपूर्ण सुधार है। यह विधेयक भारत के खनिज क्षेत्र को रूपांतरित करेगा—विशेषकर महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच बढ़ाने, खोज की आधुनिक पद्धतियों को अपनाने और संसाधन प्रबंधन की दक्षता सुधारने में।

प्रमुख संशोधन और प्रावधान

1. ट्रस्ट का विस्तार
राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (National Mineral Exploration Trust) का नाम बदलकर राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास ट्रस्ट कर दिया गया है। अब यह ट्रस्ट भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशी परियोजनाओं को भी समर्थन देगा। ट्रस्ट की निधि क्षमता को और मज़बूत करने के लिए रॉयल्टी योगदान 2% से बढ़ाकर 3% कर दिया गया है।

2. गहन-स्थित खनिजों हेतु पट्टे में लचीलापन
खनन पट्टा धारक अब अपने क्षेत्र को 10% (साधारण पट्टों के लिए) और 30% (समग्र लाइसेंस के लिए) तक बढ़ा सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से गहन-स्थित और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और रेयर अर्थ के लिए दी गई है। अब पट्टा धारक बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के अपने मौजूदा पट्टे में इन खनिजों को जोड़ सकेंगे।

3. कैप्टिव खनन का उदारीकरण
पहले कैप्टिव खनन (Captive Mining) में 50% तक की बिक्री की सीमा थी। अब इसे हटा दिया गया है। पट्टा धारक अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद शेष खनिज खुले बाज़ार में स्वतंत्र रूप से बेच सकते हैं, जिसके लिए केवल नाममात्र का अतिरिक्त भुगतान सरकार को करना होगा।

4. खनिज विनिमय (Mineral Exchanges) की स्थापना
खनिजों के पारदर्शी और कुशल व्यापार के लिए औपचारिक खनिज विनिमय मंचों को अधिकृत किया गया है। ये प्लेटफ़ॉर्म बेहतर मूल्य निर्धारण तंत्र को बढ़ावा देंगे और निवेशकों का विश्वास मज़बूत करेंगे।

5. सतत खनन और सामरिक संसाधन सुरक्षा
शून्य-अपशिष्ट खनन (Zero-Waste Mining) और ज़िम्मेदार खनन को प्रोत्साहित किया गया है। यह संशोधन भारत के पर्यावरणीय लक्ष्यों और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के अनुरूप है, जिससे विद्युत वाहन, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सामरिक क्षेत्रों को लाभ होगा।

व्यापक उद्देश्य और प्रभाव

भारत वर्तमान में महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आयात पर निर्भर है, जो हाई-टेक उद्योगों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। सीमित घरेलू भंडार और बढ़ती मांग को देखते हुए यह विधेयक—

  • आयात निर्भरता कम करेगा

  • स्थानीय उत्पादन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा

  • निजी निवेश व विदेशी सहयोग आकर्षित करेगा

  • भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में स्थिति को मज़बूत करेगा

आधुनिक नियमों, खोज क्षमता के विस्तार और उच्च-मूल्य खनिजों तक आसान पहुंच से यह संशोधन भारत को महत्वपूर्ण आर्थिक और सामरिक लाभ दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

4 weeks ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago