भारत के स्वच्छता और सतत विकास अभियान के तहत पारादीप पोर्ट प्राधिकरण ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वच्छता पखवाड़ा पुरस्कार 2025 में प्रथम पुरस्कार जीता है और देश का सबसे स्वच्छ प्रदर्शन करने वाला प्रमुख बंदरगाह बनकर उभरा है। यह पुरस्कार बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है, जो स्वच्छता, हरित पहलों और सामुदायिक सहभागिता में उल्लेखनीय प्रयासों को मान्यता देता है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि बंदरगाह अब केवल व्यापार के प्रवेश द्वार नहीं रह गए हैं, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन और समावेशी विकास के सक्रिय साझेदार बन चुके हैं।
पारादीप पोर्ट प्राधिकरण ने स्वच्छता पखवाड़ा पुरस्कार 2025 में प्रथम पुरस्कार जीतकर भारत का सबसे स्वच्छ प्रदर्शन करने वाला प्रमुख बंदरगाह बनने का गौरव प्राप्त किया है। यह सम्मान केवल एक बार की सफाई मुहिम के लिए नहीं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण प्रबंधन और समावेशी सहभागिता में निरंतर किए गए प्रयासों का परिणाम है। बंदरगाह ने बुनियादी ढांचे की स्वच्छता के साथ-साथ व्यवहार परिवर्तन, हरित पहल और श्रमिक कल्याण को जोड़ते हुए समग्र दृष्टिकोण अपनाया।
यह पुरस्कार 3 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर और बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार (आईएएस) उपस्थित रहे। पारादीप पोर्ट प्राधिकरण के अध्यक्ष पी. एल. हरनाध ने यह सम्मान बंदरगाह के समस्त कर्मियों की ओर से ग्रहण किया।
स्वच्छता पखवाड़ा, स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य व्यवहार परिवर्तन, प्रभावी कचरा प्रबंधन और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। इस पुरस्कार के तहत बंदरगाहों का मूल्यांकन नागरिक भागीदारी, हरित प्रथाओं और सफाई मित्रों के कल्याण जैसे मानकों पर किया जाता है।
‘जन भागीदारी’ के तहत पारादीप पोर्ट ने स्कूलों, मंदिरों, समुद्र तटों, तालाबों और बंदरगाह परिसरों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाए। साइक्लोथॉन, स्वच्छता रन, रैलियाँ, स्वच्छता रथ, मानव श्रृंखला और “एक दिन एक घंटा एक साथ” अभियान ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता साझा नागरिक जिम्मेदारी है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अंतर्गत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर उपेक्षित क्षेत्रों को हरित स्थलों में बदला गया। विशेष रूप से, एक पेड़ माँ के नाम 2.0 के तहत पारादीप सी बीच पर 40,000 पौधे लगाए गए, जिससे जलवायु कार्रवाई, तटीय संरक्षण और दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता को बल मिला।
‘सफाई मित्र सुरक्षा’ स्तंभ के अंतर्गत स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान पर विशेष ध्यान दिया गया। चिकित्सा जांच, सम्मान समारोह और विशेष फेलिसिटेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे समावेशी स्वच्छता का उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
पारादीप पोर्ट ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ अभियान, स्ट्रीट थिएटर, रैलियाँ और कपड़े के थैलों का वितरण किया। स्क्रैप-टू-स्ट्रक्चर और वेस्ट-टू-वेल्थ प्रदर्शनियों के माध्यम से सतत पुन: उपयोग को बढ़ावा मिला। रक्तदान शिविर, स्वच्छता-थीम कला प्रतियोगिताएँ और स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत नवीनीकरण गतिविधियों ने स्वच्छता को बंदरगाह संस्कृति का हिस्सा बनाया।
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