Categories: Uncategorized

पंडित दीनदयाल उपाध्याय टेलीकॉम स्किल एक्सीलेंस पुरस्कारों की हुई घोषणा

 

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय टेलीकॉम स्किल एक्सीलेंस अवार्ड के दोनों विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए, जिसमें क्रमशः 50,000 रुपये और 30,000 रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है। इसके लिए पहली बार वर्ष 2018 में नामांकन आमंत्रित किए गए थे।

WARRIOR 4.0 | Banking Awareness Batch for SBI, RRB, RBI and IBPS Exams | Bilingual | Live Class

पहला पुरस्कार:

  • बेंगलुरु के श्री श्रीनिवास कर्णम को ब्रांड ‘सी मोबाइल’ के तहत एक लागत प्रभावी अनुकूलित तकनीकी समाधान विकसित करने में उनके योगदान हेतु प्रथम पुरस्कर के लिए चुना गया। इसका उपयोग गहरे समुद्र में संचार के लिए, केरल तट पर काम करने के लिए, मछुआरों को संचार की सुविधा प्रदान करने और मौसम संबंधी चेतावनी जारी करने के लिए किया जाता है।
  • यह सेवा जीएसएम कवरेज क्षेत्र से बाहर होने की स्थिति में मछुआरों को वॉयस कॉल, ग्रुप कॉल, एसएमएस, लोकेशन सर्विसेज और आपातकालीन सेवाओं के लिए सक्षम बनाती है। यह सेवा केरल तट के साथ तिरुअनंतपुरम से कालीकट तक लगभग 500 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध है। वहीं इस सेवा से संबंधित उपकरण को लगभग 900 मोटर नौकाओं में लगाया गया है।
दूसरा पुरस्कार:
  • नई दिल्ली के प्रोफेसर सुब्रत कर को द्वितीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। उनका चयन ट्रेन-पशु टकराव को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सेंसर नेटवर्क और उपकरणों के विकास और उनकी तैनाती के अभिनव समाधान के लिए किया गया। यह पशुओं के प्राकृतिक गति/व्यवहार में हस्तक्षेप किए बिना काम करता है। इससे वन्यजीव संरक्षण में मदद मिलती है।
  • प्रारंभिक चरण के तहत इस प्रणाली को उत्तराखंड के राजाजी राष्ट्रीय पार्क में स्थापित किया गया है, जिससे ट्रेन-हाथी टकराव की वजह से हाथियों की मौतों को रोका जा सके।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय टेलीकॉम स्किल एक्सीलेंस पुरस्कारों के बारे में:

टेलीकॉम स्किल इकोसिस्टम को प्रेरित करने के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने 2017 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय टेलीकॉम स्किल एक्सीलेंस पुरस्कारों को शुरुआत की। इसका उद्देश्य टेलीकॉम स्किलिंग, टेलीकॉम सर्विसेज, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग, टेलीकॉम एप्लीकेशन्स के क्षेत्रों में अपना विशेष योगदान के लिए सफल दूरसंचार कुशल लोगों को पुरस्कृत करना है। इनके योगदान के माध्यम से कृषि, वाणिज्य, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि विभिन्न क्षेत्रों के लिए दूरसंचार आधारित क्षेत्रीय समाधान प्रदान करना है। इस पुरस्कार का नामकरण पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर किया गया था। 

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य- 

  • संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री: रवि शंकरप्रसाद.

Find More Awards News Here

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 month ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

3 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

3 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

3 months ago