प्रख्यात उड़िया साहित्यकार रजत कुमार कार का निधन हो गया। उनकी मौत हृदय संबंधी बीमारियों के कारण हुई। कार को साहित्य और शिक्षा के लिए वर्ष 2021 में पद्मश्री प्राप्त हुआ। वह टीवी और रेडियो पर वार्षिक रथ यात्रा (जगन्नाथ संस्कृति) के दौरान अपनी टिप्पणी के लिए जाने जाते थे। उनके लेखन में उपेंद्र भांजा साहित्य शामिल है और उनके खाते में सात नॉन-फिक्शन हैं। उन्होंने ओडिशा के पाला की मरणासन्न कला के पुनरुद्धार में भी योगदान दिया।
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