
एक प्रसिद्ध इतिहासकार और इस्लामिया के जामिया मिलिया पूर्व कुलगुरू प्रोफेसर मुशिरुल हसन का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. हसन पहले भी भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार के महानिदेशक थे.
हसन ने 2007 में पद्मश्री और ऑर्ड्रे डेस पाल्म्स अकादमी समेत अपने कार्य के लिए कई पुरस्कार जीते. उनके द्वारा लिखी गयी पुस्तकों में इंडिया पार्टीशन: द अदर फेस ऑफ़ फ्रीडम, वेन स्टोन वॉल्स क्राई, पार्टनर्स इन फ्रीडम: जामिया मिलिया इस्लामिया (रक्षंदा जलिल के साथ सह-लेखक) और फ्रॉम प्लूरलिस्म टू सेपरेटिज़्म: क़स्बस औइन कोलोनियल इंडिया शामिल हैं.
स्रोत- बिज़नेस स्टैण्डर्ड


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