
नागालैंड राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष, शिक्षाविद, प्रसिद्ध लेखिका और पद्म श्री डॉ तेम्सुला आओ का दीमापुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रसिद्ध भारतीय कवि तेम्सुला आओ के निधन पर दुख जताया। पीएम मोदी ने कहा कि पद्मश्री प्राप्तकर्ता ने अपने साहित्यिक कार्यों के माध्यम से नगा संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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तेम्सुला आओ: एक नजर में
- बता दें कि तेम्सुला आओ ने अपने पूरे करियर में कई महत्वपूर्ण पुरस्कार जीते। साल 2013 में ‘लैबर्नम फॉर माई हेड’ (लघु कथाएं) के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार और 2009 में मेघालय सरकार द्वारा राज्यपाल का स्वर्ण पदक शामिल हैं।
- तेम्सुला आओ को साल 2007 में पद्मश्री मिला था। आओ ने नॉर्थ ईस्टर्न हिल युनिवर्सिटी (एनईएचयू) से प्रतिनियुक्ति पर 1992 और 1997 के बीच उत्तर पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, दीमापुर के निदेशक के रूप में कार्य किया था
- तेम्सुला आओ के दो लघु कहानी संग्रह प्रकाशित हुए हैं। इनमें से एक हिल्स कॉल्ड होम: स्टोरीज फ्रॉम द वॉर जोन है। दूसरा लघु कहानी संग्रह जुबान और लेबर्नम फॉर माई हेड यह पेंगुइन इंडिया (2009) है।



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